बिजली के समानांतर लाइसेंस के खिलाफ 5-6 दिन में अपील करेगी हरियाणा सरकार : अनिल विज

 




-एपीटीईएल के बाद सुप्रीम कोर्ट तक लड़ेंगे कानूनी लड़ाई

चंडीगढ़, 21 अक्टूबर (हि.स.)। हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) की ओर से गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण के लिए समानांतर लाइसेंस दिए जाने का मुद्दा गरमा गया है। बुधवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चंडीगढ़ में आपात बैठक की, जबकि ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने बिजली कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल के मद्देनजर स्थिति की समीक्षा की।

बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में अनिल विज ने कहा कि राज्य सरकार गुरूग्राम व नूंह में बिजली वितरण के लिए दिए गए लाईसेंस के विरोध में विद्युत अपीलीय न्यायाधिकरण (एपीटीईएल) में अपील दायर करेगी। यह अपील अगले 5 से 6 दिनों में दायर की जाएगी जबकि अपील करने के लिए 45 दिनों का समय होता है। उन्होंने कहा कि इस फैसले के विरोध में हम स्टे लेने की कोशिश भी करेगी क्योंकि हम पूरी तरह से कर्मचारियों के साथ हैं।

विज ने कहा कि एचईआरसी केंद्र सरकार के बिजली कानून के तहत गठित एक स्वायत्त संस्था है। कोई भी व्यक्ति आयोग के समक्ष आवेदन कर सकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने निजीकरण के लिए किसी से आवेदन आमंत्रित नहीं किया था। केंद्रीय कानून के तहत निजी कंपनियों को बिजली वितरण लाइसेंस के लिए आयोग में आवेदन करने का प्रावधान है।

यदि किसी ने आवेदन किया है तो बिजली वितरण के लिए लाईसेंस दिया गया है जबकि हम उससे सहमत नहीं है और सरकार ने इसका डटकर इसका विरोध किया है’’। उन्होंने कहा कि विभाग ने पूरी मेहनत की है और अच्छे वकील भी इसके लिए लगाए हैं और डटकर इसका विरोध किया है। अब एचईआरसी ने हमारे विरोध में फैसला कर दिया है तो अब सरकार एपीटीईएल में जाएंगी और अपील करेंगी। विज ने जोर देकर कहा कि इस फैसले के विरोध में हमारी कोशिश स्टे लेने की भी रहेगी।

हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा की ओर से कुछ यूनियन के पदाधिकारियों के मिलने के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में विज ने कहा कि कुछ यूनियन के पदाधिकारी आए भी थे, हमने इनसे बात की है, हमने पदाधिकारियों से कहा है कि यदि आपके पास कोई विकल्प है तो बता दो, हम उस रास्ते को अपना लेंगें। विज ने यह भी साफ किया कि इस संबंध में सारी स्थिति मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी जी के ध्यान में भी ला दी गई है कि इसके लिए हम अमुक कदम उठाने जा रहे हैं और इस मामले में केस को लडेंगें।

बिजली कर्मचारियों की हड़ताल पर अधिकारियों की छुट्टियां रद्द

हरियाणा सरकार ने बिजली कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल को देखते हुए सभी अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। बिजली कर्मचारियों ने 22 अक्टूबर यानी कल से तीन दिन तक हड़ताल करने का ऐलान किया है।

सरकार ने बुधवार दोपहर पत्र जारी कर बिजली निगम के 25 अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। सभी को तत्काल अपने कार्यस्थल पर रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे पहले ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने बिजली कर्मियों को आज बुधवार तीन बजे बैठक के लिए बुलावा भेजा था। मगर, बिजली कर्मचारियों और इंजीनियरों के साझा मंच 'हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा' ने इस बुलावे को ठुकरा दिया है। एचवीपीएनएल के चीफ इंजीनियर को पत्र भेजकर मोर्चे ने अपनी असमर्थता जताई है। मोर्चा पदाधिकारियों का कहना है कि प्रशासन की ओर से वार्ता के लिए बहुत कम समय दिया गया। इसके अलावा, संगठन के कुछ वरिष्ठ पदाधिकारी अस्वस्थ हैं और अन्य पदाधिकारियों की पूर्व-निर्धारित व्यस्तताएं हैं। इसी कारण बैठक में शामिल न होने का फैसला लिया गया है।

हुड्डा भी उतरे बिजली के निजीकरण के विरोध में

पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने बिजली के निजीकरण का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को गुरुग्राम और नूंह जैसे राजस्व जिलों की बिजली वितरण के लिए पैरेलल लाइसेंस देना घातक कदम साबित होगा। साजिश के तहत कृषि उपभोक्ताओं के लिए एग्री डिस्काम को अलग किया जा रहा है ताकि प्राइवेट कंपनी को किसानों के हिस्से की बिजली आपूर्ति हो और किसानों को मिलने वाली सब्सिडी धीरे-धीरे खत्म हो जाए। कांग्रेस ने अपने कार्यकाल में किसानों को 10 पैसे प्रति यूनिट बिजली दी थी, जिसे खत्म करने की साजिश है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा