सोनीपत: तिहाड़ बाघडू व डेरा पूरबिया स्कूलाें के गेट एवं छत खस्ताहाल
सोनीपत, 20 अगस्त (हि.स.)। सोनीपत
जिले के गन्नौर के गढीबिलंदा स्कूल में आर्च गिरने से बच्चे की मौत के बाद भी जिले
के कुछ सरकारी स्कूलों की जर्जर इमारतें खस्ताहाल हैं। तिहाड़ बाघडू स्थित राजकीय वरिष्ठ
माध्यमिक विद्यालय का मुख्य गेट और डेरा पूरबिया प्राथमिक विद्यालय की इमारत की हालत
खराब है। ग्रामीणों ने गुरुवार काे स्कूलों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए तत्काल कार्रवाई
की मांग की है।
ग्रामीण
मंजीत तिहाड़ा के अनुसार राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय तिहाड़ बाघडू का मुख्य गेट
वर्ष 1983 में बनाया गया था। इसके बाद उसकी मरम्मत नहीं हुई। गेट के ऊपर लगा लैंटर
बीच से दरक चुका है और उसका हिस्सा लटक रहा है। जंग लगने और टूट-फूट के कारण किसी भी
समय भारी हिस्सा गिरने का खतरा बना हुआ है। इस स्कूल में ताजपुर, तिहाड़ खुर्द, तिहाड़ा
कलां, छोटी बाघडू, बड़ी बाघडू और डेरा पूरबिया सहित आसपास के गांवों के करीब चार सौ
बच्चे पढ़ते हैं। स्कूल
भवन की दीवारों और छतों से कई जगह प्लास्टर गिर चुका है। सरिए बाहर निकल आए हैं और
भवन में दरारें व सीलन भी दिखाई दे रही हैं। परिसर में झाड़ियां उगी होने से छात्राओं
की सुरक्षा को लेकर भी अभिभावकों ने चिंता जताई है। शौचालय तक जाने का रास्ता भी सुरक्षित
नहीं होने की बात कही गई है।
डेरा
पूरबिया प्राथमिक विद्यालय की एक कक्षा की छत का पूरा प्लास्टर गिर चुका था और जंग
लगे सरिए खुले में लटक रहे थे। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए विद्यालय बंद कर विद्यार्थियों
को बाघडू के दूसरे प्राथमिक विद्यालय में भेज दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि
दूसरे स्कूल की दूरी करीब ढाई किलोमीटर है। मजदूर परिवारों के बच्चों को आने-जाने में
परेशानी हो रही है और बारिश में समस्या और बढ़ जाती है।
मंजीत
तिहाड़ा ने बताया कि जर्जर विद्यालय की मरम्मत के लिए निविदा होने और भवन दोबारा बनाने
की बात कही गई थी, लेकिन अभी काम शुरू नहीं हुआ है। उन्होंने जिले के सभी सरकारी स्कूलों
का पंद्रह दिन में सुरक्षा परीक्षण कराने और विद्यार्थियों को सुरक्षित निशुल्क परिवहन
देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि संगठन 48 घंटे में अधिकारियों को ज्ञापन देगा
और सात दिन में ठोस कार्रवाई नहीं होने पर मुख्यमंत्री से मिलेगा।
जिला
शिक्षा अधिकारी नवीन गुलिया ने गुरुवार को कहा कि विद्यालय प्रमुखों को कई बार वॉट्सऐप समेत विभिन्न
माध्यमों से आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जा चुके हैं। यदि किसी विद्यालय स्तर पर
लापरवाही मिली तो संबंधित विद्यालय प्रमुख के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बच्चों
की सुरक्षा से कोई समझौता स्वीकार नहीं है।
हिन्दुस्थान समाचार / नरेंद्र शर्मा परवाना