नूंह: किसान क्रेडिट कार्ड से पशुपालकों को मिला आर्थिक संबल

 


नूंह, 07 अक्टूबर (हि.स.)। सेवा संकल्प अभियान के तहत सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में पशुपालकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित पशु किसान क्रेडिट कार्ड योजना ग्रामीण परिवारों के लिए आर्थिक संबल का महत्वपूर्ण माध्यम बन रही है।

नूंह जिले में वर्ष 2025-26 के दौरान 1,157 पशु किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए गए, जबकि वर्ष 2026-27 में अब तक 697 पशु किसान क्रेडिट कार्ड बनाए जा चुके हैं। योजना के माध्यम से पशुपालकों को पशुओं के पालन-पोषण, चारे, दवाइयों और अन्य आवश्यक खर्चों के लिए वित्तीय सुविधा मिल रही है।

गांव साकरस निवासी कासम के लिए पशुपालन पारंपरिक व्यवसाय के साथ-साथ परिवार की आर्थिक मजबूती का जरिया बन गया है। पशु किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से वित्तीय सहायता मिलने से उन्हें पशुओं के चारे, देखभाल और अन्य जरूरतों को पूरा करने में मदद मिली है। कासम के अनुसार, समय पर आर्थिक सुविधा मिलने से पशुओं की बेहतर देखभाल करना आसान हुआ है और पशुपालन को आगे बढ़ाने का भरोसा मिला है। साकरस निवासी जरीना भी पशु किसान क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ लेकर अपने पशुधन की बेहतर देखभाल कर रही हैं। योजना से मिली वित्तीय सुविधा से पशुओं के चारे, दवाइयों और अन्य जरूरी खर्चों को पूरा करने में मदद मिल रही है। जरीना का कहना है कि पशुपालन ग्रामीण परिवारों की आय का महत्वपूर्ण साधन है और सरकार की इस पहल से पशुपालकों को अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने में सहायता मिल रही है।

नसीरबास निवासी इरफान और शकील के लिए भी पशु किसान क्रेडिट कार्ड योजना आर्थिक सहारा बनी है। पशुपालन से जुड़े कार्यों के लिए आवश्यक पूंजी की जरूरत को पूरा करने में योजना के तहत मिलने वाली वित्तीय सुविधा उपयोगी साबित हो रही है। दोनों लाभार्थियों के अनुसार पशुओं के चारे, उपचार और नियमित देखभाल पर होने वाले खर्चों को व्यवस्थित तरीके से पूरा करने में कार्ड से काफी मदद मिल रही है।

पशु किसान क्रेडिट कार्ड योजना का उद्देश्य पशुपालकों को उनकी दैनिक पशुपालन संबंधी जरूरतों के लिए वित्तीय सुविधा उपलब्ध कराना है। इससे ग्रामीण परिवारों को पशुधन के माध्यम से अपनी आजीविका मजबूत करने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल मोहानिया