हड़ताली सफाई कर्मचारियों ने की मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप की मांग

 


-पुलिसिया दमन से हड़ताल समाप्त करवाना गैर-लोकतांत्रिक

-सफाई-सीवर कर्मचारियों को पक्का किए बिना समाप्त नहीं होगी हड़ताल

चंडीगढ़, 07 सितंबर (हि.स.)। हरियाणा सरकार द्वारा हड़ताल कर रहे 32 सफाई कर्मचारियों को नौकरी से निकालने के बाद सफाई कर्मचारियों ने इस मामले में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी से हस्तक्षेप की मांग की है।

नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री, महासचिव मांगेराम तिगरा हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन के प्रधान राजेंद्र सिंह व महासचिव गुलशन भारद्वाज ने कहा कि शहरी स्थानीय निकाय, आबकारी एवं कराधान तथा आपदा प्रबंधन मंत्री सफाई कर्मचारियों और उनके नेताओं पर आधारहीन आरोप लगाना बंद करें। हड़ताल को जहां आम जनता का सहयोग मिल रहा है वही सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा एवं नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के दर्जनों सेवानिवृत्ति भूतपूर्व नेता हड़ताल को समर्थन देकर मजबूत करने का काम कर रहे हैं सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के व नगरपालिका कर्मचारी संघ के पूर्व राज्य प्रधान पूनम चंद्र रत्ती ने भी प्रदेश का दौरा करने के लिए मुहिम शुरू कर दी है।

पालिका एवं अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि वह इस मामले में सीधा हस्तक्षेप करें तथा कर्मचारी संगठनों की बैठक बुलाकर मांगों का सम्मानजनक समाधान करवाएं। संघ ने कहा कि उत्पीडऩ, पुलिसिया दमन, मुकदमों, निलंबन और बर्खास्तगी के बल पर हड़ताल समाप्त करवाने का प्रयास पूरी तरह गैर-लोकतांत्रिक है।

शास्त्री ने कहा कि प्रदेश की नगर पालिकाओं, नगर परिषदों, नगर निगमों एवं अग्निशमन केंद्रों के कर्मचारियों की हड़ताल के संबंध में कोई भी फैसला संघ का अधिकृत नेतृत्व और आंदोलनरत कर्मचारी सामूहिक रूप से करेंगे। समाज के नाम पर सरकार की पक्षधरता करने वाले स्वयंभू नेताओं को कर्मचारियों की हड़ताल पर फैसला लेने का कोई अधिकार नहीं है। शास्त्री ने स्पष्ट किया कि एस्मा लगाने, झूठे मुकदमे दर्ज करने, कर्मचारियों को निलंबित एवं बर्खास्त करने, नौकरी से निकालने के नोटिस देने और पुलिसिया दमन के बल पर हड़ताल समाप्त नहीं करवाई जा सकती। ऐसी कार्रवाइयों से कर्मचारियों का आक्रोश बढ़ेगा और आंदोलन और तेज होगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा