रेवाड़ी में दूषित पानी की निकासी पर खर्च होंगे 217 करोड़

 


40 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू, शोधित पानी का सिंचाई में होगा उपयोग

रेवाड़ी, 13 अक्टूबर (हि.स.)। रेवाड़ी के मसानी बैराज में जमा दूषित पानी की निकासी और उसे शोधित कर दोबारा उपयोग लायक बनाने के लिए 217 करोड़ रुपये की परियोजना पर काम शुरू हो गया है। इसके तहत करीब 40 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी। पाइपलाइन के माध्यम से शोधित पानी को ड्रेन नंबर-आठ तक पहुंचाया जाएगा। परियोजना पूरी होने से बैराज में जमा पानी की दुर्गंध कम होने और उसके उपयोग की संभावनाएं बढ़ने की उम्मीद है।

विधायक लक्ष्मण सिंह यादव ने मंगलवार को बताया कि प्रदेश सरकार ने इस परियोजना को मंजूरी दी है। इसे चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। पहले चरण के लिए 125 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं और पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू हो गया है। परियोजना के तहत तीन वाटर बॉडी भी बनाई जाएंगी।

उन्होंने बताया कि योजना में बैराज में पहले से जमा पानी की निकासी के साथ भविष्य में यहां पहुंचने वाले पानी को भी शोधित करने की व्यवस्था शामिल है। पानी को शोधित करने के बाद ड्रेन नंबर-आठ तक पहुंचाया जाएगा। इससे शोधित पानी का इस्तेमाल सिंचाई सहित अन्य कार्यों में करने की संभावनाएं भी बनेंगी।

विधायक ने कहा कि शहरों और गांवों में कई जगह सीवरेज तथा बारिश का पानी एक ही व्यवस्था में पहुंच जाता है। इससे पानी को शोधित करने और उसका दोबारा उपयोग करने में परेशानी आती है। इस समस्या के समाधान के लिए भविष्य में बारिश के पानी की निकासी हेतु अलग पाइपलाइन बिछाने की योजना पर भी काम किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि रेवाड़ी के नासियाजी और कालूवास स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता बढ़ाने तथा पानी को बेहतर तरीके से शोधित करने के लिए भी काम किया जाएगा। इन प्रयासों से दूषित पानी के प्रबंधन में सुधार और जल संसाधनों के बेहतर उपयोग में मदद मिलने की उम्मीद है।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला