रेवाड़ी: गंदा पानी रोकने को ग्रामीणों ने निकाली ट्रैक्टर यात्रा, सौंपा ज्ञापन
दर्जनों गांवों के लोगों का सचिवालय पर प्रदर्शन, डीसी के आने तक धरने पर डटे रहे ग्रामीण
रेवाड़ी, 03 अगस्त (हि.स.)। मसानी बैराज में जाने वाले सहाबी के गंदे पानी को रोकने की मांग को लेकर सोमवार को दर्जनों गांवों के लोगों ने ट्रैक्टर यात्रा निकालकर जोरदार प्रदर्शन किया। मसानी से शुरू हुई यात्रा जब रेवाड़ी पहुंची तो प्रशासन ने ट्रैक्टरों को राजेश पायलट चौक स्थित रेजांगला पार्क के पास रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी पैदल और अन्य वाहनों से जिला सचिवालय पहुंचे और उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर समस्या के स्थायी समाधान की मांग की।
सचिवालय में पहले सिटीएम ज्ञापन लेने पहुंचे, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने यह कहते हुए ज्ञापन देने से इनकार कर दिया कि वे अनुमति लेकर उपायुक्त को ही ज्ञापन सौंपने आए हैं। ग्रामीण सचिवालय के बाहर धरने पर बैठ गए और नारेबाजी शुरू कर दी। करीब आधे घंटे बाद उपायुक्त अभिषेक मीणा स्वयं मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से ज्ञापन प्राप्त किया।
रिटायर्ड रेंज ऑफिसर (वन विभाग) कमल यादव, विभिन्न गांवों के सरपंचों और प्रमुख लोगों के नेतृत्व में निकाली गई इस ट्रैक्टर यात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भी भाग लिया। कमल यादव ने बताया कि मसानी बैराज के गंदे पानी से करीब 30 गांव प्रभावित हैं, जिनमें से 10 गांवों में हालात बेहद गंभीर हैं। दूषित पानी के कारण लोगों में घुटनों की समस्या, ब्लड प्रेशर, शुगर सहित कई बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं।
खलियावास निवासी धीरज यादव ने बताया कि गांव में कराई गई बोरिंग का पानी जांच में पशुओं के पीने योग्य भी नहीं पाया गया। वहीं सरपंच भूप सिंह भटसाना ने मांग की कि जड़थल से मसानी बैराज तक शेष छह किलोमीटर क्षेत्र में पाइपलाइन बिछाकर गंदे पानी को गांवों में जाने से रोका जाए, ताकि लोगों को इस गंभीर समस्या से स्थायी राहत मिल सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला