रेवाड़ी पुलिस का नशे के खिलाफ अभियानः 298 नशा पीड़ित चिन्हित
एक नशा पीड़ित को काउंसलिंग के बाद डी-एडिक्शन सेंटर में कराया भर्ती
रेवाड़ी, 03 अक्टूबर (हि.स.)। जिला पुलिस की नशा मुक्ति टीम ने शनिवार को गांव गुरावड़ा में डोर-टू-डोर अभियान चलाकर ग्रामीणों के साथ बैठक की। इस दौरान गांव को नशा मुक्त बनाने और लोगों को नशे से दूर रखने को लेकर विचार-विमर्श किया गया। टीम ने ग्रामीणों से नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने और पुलिस का सहयोग करने की अपील की।
अभियान के दौरान टीम ने एक नशा पीड़ित व्यक्ति की काउंसलिंग करवाई। इसके बाद उसे इलाज के लिए प्रेरित करते हुए रेवाड़ी के डी-एडिक्शन सेंटर में भर्ती कराया गया। नशा मुक्ति टीम के अनुसार अब तक जिले में नशे से पीड़ित 298 लोगों की पहचान की जा चुकी है। इनमें विभिन्न प्रकार के नशे का सेवन करने वाले लोग शामिल हैं। वहीं, 102 नशा पीड़ितों का इलाज भी करवाया जा चुका है।
नशा मुक्ति टीम की एएसआई कविता ने कहा कि पुलिस और आमजन आपसी तालमेल के साथ कार्य करें तो नशे जैसी बुराई पर नियंत्रण पाया जा सकता है। नशा व्यक्ति के साथ-साथ पूरे परिवार को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को नशे से बचाना सबसे जरूरी है।
उन्होंने बताया कि पुलिस के अभियान से प्रेरित होकर कई युवा शिक्षा और खेल गतिविधियों की ओर बढ़ रहे हैं। वहीं, अनेक नशा ग्रस्त युवकों ने नशा छोड़ने की पहल की है। स्थानीय प्रशासन की मदद से ऐसे लोगों का इलाज करवाकर उन्हें समाज की मुख्यधारा में शामिल किया जा रहा है।
एएसआई कविता ने कहा कि नशा एक अभिशाप है और सभी को मिलकर इसका बहिष्कार करना चाहिए।
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हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला