हिसार : सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व को जनभागीदारी से जोड़ने के प्रयासों में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण : डॉ. विजय कुमार
‘एक कदम सेवा की ओर’ के तहत वृद्धाश्रम
पहुंचे गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय के एनएसएस स्वयंसेवक
बुजुर्गों से संवाद कर सुने जीवन के अनुभव, सेवा और संवेदना का दिया संदेश
हिसार, 06 अक्टूबर (हि.स.)। राज्य सरकार की सेवा भावना, सामाजिक सरोकार और
युवा शक्ति की सकारात्मक भागीदारी को केंद्र में रखकर संचालित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत गुरु जम्भेश्वर
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) स्वयंसेवकों
ने ‘एक कदम सेवा की ओर’ थीम के तहत भूमि वृद्धाश्रम का भ्रमण किया। विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ.
विजय कुमार ने हरी झंडी दिखाकर स्वयंसेवकों के दल को रवाना किया। कार्यक्रम सेवा संकल्प
अभियान की नोडल अधिकारी एवं एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक डॉ. अंजु गुप्ता के नेतृत्व में
आयोजित किया गया, जबकि संयोजन एनएसएस इकाई-3 की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. खुशबू सेठी ने
किया।
इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. विजय कुमार ने कहा कि सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व
को जनभागीदारी से जोड़ने के प्रयासों में युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। एनएसएस ऐसे
अभियानों को विश्वविद्यालय परिसर से समाज तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने
कहा कि वृद्धजनों के साथ संवाद विद्यार्थियों को जीवन के अनुभवों, संघर्षों और मानवीय
संबंधों की गहराई समझने का अवसर देता है। वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान, संवेदना
और सहयोग की भावना भारतीय सामाजिक जीवन की महत्वपूर्ण विशेषता रही है, जिसे युवा पीढ़ी
को आगे बढ़ाना चाहिए।
एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक एवं सेवा संकल्प अभियान की नोडल अधिकारी डॉ. अंजु
गुप्ता ने कहा कि ‘सेवा संकल्प अभियान’ युवाओं को सेवा के माध्यम से समाज से जोड़ने की सार्थक पहल
है। ‘एक कदम सेवा की ओर’ इसी भावना को व्यवहार में उतारने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवकों
ने वृद्धाश्रम में बुजुर्गों के साथ समय बिताकर उनके जीवन के अनुभवों और भावनाओं को
समझा। सेवा का भाव तब अधिक प्रभावी होता है, जब युवा समाज के विभिन्न वर्गों के साथ
प्रत्यक्ष संवाद कर उनकी आवश्यकताओं और अनुभवों को संवेदनशीलता से समझते हैं।
वृद्धाश्रम में स्वयंसेवकों ने बुजुर्गों के साथ आत्मीय संवाद किया और उनके
जीवन से जुड़े अनुभव, संघर्ष तथा संस्मरण सुने। बुजुर्गों ने भी विद्यार्थियों के साथ
अपनी जीवन की स्मृतियां साझा कीं। इस संवाद के माध्यम से विद्यार्थियों ने महसूस किया
कि वरिष्ठजनों के लिए समय निकालना, उनकी बात ध्यान से सुनना और उनके साथ सम्मानपूर्वक
व्यवहार करना सेवा का बेहद मानवीय स्वरूप है। स्वयंसेवकों ने इस अनुभव को जीवन मूल्यों
और सामाजिक संवेदना को समझने का महत्वपूर्ण अवसर बताया।
‘सेवा संकल्प अभियान’ के माध्यम से विद्यार्थियों
को सामाजिक दायित्व से जोड़ने की यह पहल युवा शक्ति को रचनात्मक दिशा देने के साथ समाज
के प्रति उनकी जिम्मेदारी को भी रेखांकित करती है। एनएसएस की यह गतिविधि सेवा, संवेदना
और सामाजिक सहभागिता की भावना को मजबूत करने की दिशा में सार्थक प्रयास रही।
इस अवसर पर एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सुमित शर्मा, डॉ. रामस्वरूप, डॉ.
गुंजन मुंजाल, डॉ. मलकीत सिंह एवं डॉ. गार्गी बूरा सहित विश्वविद्यालय के शिक्षक, शोधार्थी
एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर