हिसार में रोडवेज कर्मचारियों का बड़ा ऐलान, रात्रि ठहराव पर नहीं जाएंगी रोडवेज बसें
उच्चाधिकारियों के आश्वासन के बावजूद 15 दिनों में नहीं हुआ किसी समस्या का
समाधान
हिसार पहुंचे प्रदेश स्तरीय सांझा संघर्ष समिति के पदाधिकारी, होगी रणनीति
तय
हिसार, 22 जून (हि.स.)। परिवहन विभाग के उच्चाधिकारियों की ओर से दी गई समय
सीमा में भी मांगों एवं समस्याओं का समाधान न होने पर रोडवेज कर्मचारियों ने गहरा रोष
जताया है। रोडवेज सांझा संघर्ष समिति ने अपने पूर्व घोषित फैसले को आगे बढ़ाते हुए
23 जून से बसों का रात्रि ठहराव बंद करने का ऐलान कर दिया है।
इस संबंध में हरियाणा रोडवेज सांझा संघर्ष समिति की बैठक सोमवार को हुई, जिसमें
23 जून से हिसार डिपो के रात्रि ठहराव बंद करने का निर्णय लिया गया। इससे पहले कर्मचारियों
ने 5 जून को ऐसा ही फैसला किया था, जिसके चलते चंडीगढ़ मुख्यालय से पहुंचे संयुक्त
आयुक्त ने 15 दिन में मांगों एवं समस्याओं के समाधान का आश्वासन देकर कर्मचारियों को
बसें चलाने के लिए मनाया था। सांझा संघर्ष समिति का आरोप है कि 15 दिनों में कोई भी
मांग पूरी नहीं हुई, जिसके चलते मजबूर होकर फिर से रात्रि ठहराव बंद करने का निर्णय
लेना पड़ा है, जिसके लिए महाप्रबंधक, जिला प्रशासन व उच्चाधिकारी जिम्मेवार है।
सांझा संघर्ष समिति के प्रेस प्रवक्ता संदीप जैनावास ने बताया कि यदि इसके
बाद भी डिपो महाप्रबंधक कर्मचारियों की जायज मांगों को पूरा नहीं करते हैं तथा वित्तीय
भत्तों का भुगतान नहीं किया जाता है तो सांझा संघर्ष समिति शीघ्र ही आगामी रणनीति तैयार
कर चक्का जाम जैसे बड़े आंदोलनात्मक कार्यक्रम का निर्णय लेगी। उन्होंने बताया कि
23 जून को सभी यूनियनों की राज्य स्तरीय कार्यकारिणी के प्रधान हिसार डिपो में पहुंचेंगे
और आंदोलन की आगामी रूपरेखा तैयार करेंगे। इस दौरान कर्मचारी हित में कोई बड़ा एवं
महत्वपूर्ण निर्णय भी लिया जा सकता है।
उधर, हिसार डिपो में कर्मचारियों का धरना भी जारी रहा। धरने की अध्यक्षता
प्रधान जोगेन्द्र पंघाल ने की जबकि नरेन्द्र खरड़ ने संचालन किया। दौरान कर्मचारियों
ने जमकर नारेबाजी की और डिपो अधिकारियों पर मनमानी करने व मांगों और समस्याओं का समाधान
न करने का आरोप लगाया। धरने पर सभी यूनियनों के प्रधान, पदाधिकारी व अन्य कर्मचारी
मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर