रेवाड़ी के औद्योगिक अग्निकांड पर मानवाधिकार आयोग सख्त
श्रमिक सुरक्षा और अग्नि प्रबंधन पर आयोग ने पांच विभागों से मांगी रिपोर्ट, 12 अगस्त को होगी मामले की सुनवाई
चंडीगढ़, 06 जून (हि.स.)। हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने औद्योगिक क्षेत्रों में बढ़ती आग की घटनाओं पर चिंता जताते हुए रेवाड़ी के औद्योगिक अग्निकांड पर रिपोर्ट तलब की है। आयोग के समक्ष आए विवरण के अनुसार 19 मई 2026 को आईएमटी बावल स्थित जीएलएस स्पेशियलिटी केमिकल्स प्राइवेट लिमिटेड में भीषण आग लग गई थी।
घटना के समय फैक्टरी में लगभग 225 श्रमिक मौजूद थे। हादसे में छह श्रमिक झुलस गए, जिनमें तीन की हालत गंभीर बताई गई। आग पर काबू पाने के लिए विभिन्न जिलों से 35 से अधिक दमकल वाहनों को बुलाना पड़ा और कई घंटों तक राहत एवं बचाव अभियान चलाना पड़ा। स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की सहायता भी लेनी पड़ी। इसी दिन धारूहेड़ा के आलमगीरपुर-राजपुरा क्षेत्र स्थित टॉक्समो स्कूटर्स की इलेक्ट्रिक स्कूटर निर्माण इकाई में भी आग लग गई। आयोग के संज्ञान में यह तथ्य भी आया है कि संबंधित इकाई हाल ही में नए परिसर में स्थानांतरित हुई थी और उत्पादन शुरू हो चुका था, जबकि अग्नि सुरक्षा प्रणाली तथा जल भंडारण जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं कथित रूप से पूरी तरह स्थापित नहीं हुई थीं।
न्यायमूर्ति ललित बत्रा ने स्पष्ट किया है कि खतरनाक रसायनों, बैटरियों और अन्य संवेदनशील पदार्थों से जुड़े उद्योगों के लिए नियमित सुरक्षा ऑडिट, प्रशिक्षित आपातकालीन प्रतिक्रिया दल, पर्याप्त अग्निशमन संसाधन और प्रभावी आपदा प्रबंधन व्यवस्था अनिवार्य है। इनमें किसी भी प्रकार की लापरवाही सीधे तौर पर मानव जीवन को खतरे में डाल सकती है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग, श्रम विभाग तथा अग्निशमन विभाग से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट में राहत एवं बचाव कार्यों, एफआईआर और जांच की स्थिति, श्रमिकों को दी गई सहायता, सुरक्षा मानकों के अनुपालन, अग्नि सुरक्षा स्वीकृतियों और निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों का पूरा विवरण शामिल करने को कहा गया है। सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे 12 अगस्त 2026 को होने वाली अगली सुनवाई से कम से कम एक सप्ताह पहले अपनी रिपोर्ट आयोग को सौंपें।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा