हिसार के सीसवाल धाम में 750 वर्ष प्राचीन शिव मंदिर का जीर्णोद्धार
ध्वजारोहण के समय हेलीकाप्टर से हुई फूलों की
वर्षा
हिसार, 25 मार्च (हि.स.)। जिले के गांव सीसवाल
स्थित करीब 750 वर्ष प्राचीन ऐतिहासिक शिव मंदिर का भव्य जीर्णोद्धार कार्य पूर्ण हुआ।
करोड़ों रुपये की लागत से यह दिव्य धाम अब क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक, आध्यात्मिक एवं
सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित होगा। मंदिर का नवीन स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए
विशेष आकर्षण का केंद्र बना है और यहां दूर-दूर से श्रद्धालुओं का आगमन निरंतर बढ़
रहा है।
इस पावन कार्य की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह
है कि मंदिर के जीर्णोद्धार की पवित्र नींव ब्रह्मलीन गो ऋषि स्वामी राजेंद्रानंद महाराज
(हरिद्वार) द्वारा रखी गई थी। गो सेवा, सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार और समाज कल्याण
के लिए समर्पित उनका जीवन सदैव प्रेरणादायक रहा। उन्होंने अपने तप, त्याग और आध्यात्मिक
शक्ति से समाज को धर्म मार्ग पर चलने का संदेश दिया। उनके आशीर्वाद एवं संकल्प से प्रारंभ
हुआ यह महान कार्य आज भव्य धाम के रूप में साकार हुआ है, जो उनकी दूरदृष्टि और आध्यात्मिक
विरासत का जीवंत प्रतीक है। मंदिर के जीर्णोद्धार पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भव्य
वैदिक यज्ञ अनुष्ठान चल रहा है। काशी विश्वनाथ से पधारे विद्वान आचार्य पं. तुंगनाथ
त्रिपाठी के सान्निध्य में विद्वान ब्राह्मणों एवं वेदाचार्यों द्वारा प्रतिदिन मंत्रोच्चार
के साथ महायज्ञ किया जा रहा है जिससे पूरे धाम में आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्तिमय वातावरण
का संचार हुआ।
भव्य ध्वजारोहण एवं मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा समारोह
अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ। मिनी हेलीकाप्टर से हुई फूलों की वर्षा
की गई। इस दौरान महंत स्वामी प्रणवानंद महाराज (हरिद्वार), आचार्य स्वामी गोविंदशरणानंद
महाराज एवं आचार्य स्वामी विश्वात्मानंद महाराज के पावन सानिध्य में सभी धार्मिक अनुष्ठान
विधिपूर्वक सम्पन्न कराए गए। कार्यक्रम में कामेश्वर धाम किरमारा से युगल गिरी महाराज
ने विशेष रूप से शिरकत की। इसके पश्चात विभिन्न देवी-देवताओं की मूर्तियों की विधिवत
प्राण प्रतिष्ठा की गई तथा ध्वजारोहण के साथ मंदिर परिसर जयघोष और भक्ति के वातावरण
से गूंज उठा।
समिति के प्रधान घीसा राम जैन ने बुधवार काे बताया कि मंदिर
के निर्माण कार्य में विशेष रूप से राजस्थान के भरतपुर जिले के बंशी पहाड़पुर से लाए
गए उच्च गुणवत्ता वाले पत्थरों का उपयोग किया गया है, जो अपनी मजबूती, सुंदरता और दीर्घकालिक
टिकाऊपन के लिए प्रसिद्ध हैं। इस भव्य निर्माण ने मंदिर को एक अद्वितीय और दिव्य स्वरूप
प्रदान किया है। इस समस्त कार्य में का विशेष योगदान रहा। उनके कुशल नेतृत्व, समर्पण
और अथक प्रयासों से यह विशाल धार्मिक परियोजना सफलतापूर्वक पूर्ण हो सकी। उन्होंने
समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर इस पुण्य कार्य को आगे बढ़ाया और इसे एक जन-आस्था का
केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस भव्य आयोजन में क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों,
समाजसेवियों एवं हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया और इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने।
मंदिर समिति द्वारा सभी संत-महात्माओं, अतिथियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया
गया। कार्यक्रम के समापन पर लगे विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण
किया। सीसवाल धाम का यह भव्य शिव मंदिर आने वाले समय में न केवल धार्मिक आस्था का प्रमुख
केंद्र बनेगा, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक पहचान को भी नई ऊंचाइयों
तक पहुंचाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर