सोनीपत: विशेष लोक अदालत में 30 वर्ष पुराना भूमि मुआवजा विवाद सुलझा
सोनीपत, 13 जुलाई (हि.स.)। सोनीपत
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित विशेष लोक अदालत के तहत लगभग तीस
वर्ष पुराने भूमि अधिग्रहण मुआवजा विवाद का आपसी सहमति से समाधान हो गया। वर्ष 1996
से विभिन्न न्यायालयों में लंबित यह मामला सर्वोच्च न्यायालय तक पहुंच चुका था। प्री-लोक
अदालत में दोनों पक्षों के बीच हुई बातचीत और सहमति के बाद विवाद समाप्त हो गया।
मध्यस्थता
एवं सुलह केंद्र में आयोजित प्री-लोक अदालत के दौरान दोनों पक्षों ने बातचीत के जरिए
समझौता किया। इससे लंबे समय से चल रहा विवाद खत्म हुआ और पक्षकारों को बिना लंबी न्यायिक
प्रक्रिया के समाधान मिल गया। इस समझौते से समय और धन दोनों की बचत हुई तथा अनावश्यक
मुकदमेबाजी से भी राहत मिली।
मुख्य
न्यायिक दंडाधिकारी एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव प्रचेता सिंह ने सोमवार
को बताया कि विशेष लोक अदालत सर्वोच्च न्यायालय में लंबित मामलों के समाधान का प्रभावी
माध्यम बन रही है। उन्होंने कहा कि पक्षकार आपसी संवाद और सहमति से विवाद सुलझाकर लंबी
कानूनी प्रक्रिया से बच सकते हैं। हाल ही में लगभग तीन दशक पुराने भूमि अधिग्रहण मुआवजा
विवाद का समाधान इस व्यवस्था की उपयोगिता का अच्छा उदाहरण है।
उन्होंने
कहा कि विशेष लोक अदालत केवल समय और धन की बचत ही नहीं करती, बल्कि पक्षकारों के बीच
आपसी विश्वास और सौहार्द बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जिला विधिक
सेवा प्राधिकरण लगातार प्रयास कर रहा है कि अधिक से अधिक पात्र लोग इस व्यवस्था का
लाभ उठाकर अपने लंबित मामलों का समाधान कराएं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने सर्वोच्च
न्यायालय में लंबित मामलों के पक्षकारों से विशेष लोक अदालत का अधिक से अधिक लाभ उठाने
की अपील की है। प्राधिकरण के अनुसार यह व्यवस्था विवादों के त्वरित, सरल और सहमति आधारित
समाधान का प्रभावी माध्यम है, जिससे न्याय तक लोगों की पहुंच और अधिक आसान बन रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / नरेंद्र शर्मा परवाना