हिसार : डॉ. रेमन मोर ने बढ़ाया लुवास का मान, सीएसआईआर-यूजीसी नेट में हासिल की 64वीं अखिल भारतीय रैंक

 


यूजीसी-नेट जेआरएफ के साथ सीएसआईआर-यूजीसी नेट जेआरएफ में भी चयन, कुलपति ने

दी बधाई

हिसार, 14 सितंबर (हि.स.)। लाला लाजपत राय पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय

के पीएचडी छात्र डॉ. रेमन मोर ने सीएसआईआर-यूजीसी नेट जीव विज्ञान परीक्षा में अखिल

भारतीय 64वीं रैंक हासिल कर विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया है। परीक्षा में सफलता

के साथ उनका कनिष्ठ अनुसंधान अध्येता जेआरएफ के रूप में भी चयन हुआ है। खास बात यह

है कि डॉ. रेमन का यूजीसी-नेट जेआरएफ और सीएसआईआर-यूजीसी नेट जेआरएफ, दोनों राष्ट्रीय

स्तर की शोधवृत्तियों के लिए चयन हुआ है।

डॉ. रेमन मोर ने साेमवार काे कुलपति सचिवालय में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. विनोद

कुमार वर्मा से शिष्टाचार मुलाकात की। कुलपति ने उन्हें बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्रीय

स्तर की प्रतियोगी परीक्षा में बेहतर रैंक हासिल करना उनकी मेहनत, लगन और शोध के प्रति

समर्पण को दर्शाता है। उन्होंने भविष्य में भी इसी तरह मेहनत करते हुए पशु चिकित्सा

एवं पशु विज्ञान के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शोध करने के लिए प्रेरित किया।

सीएसआईआर-यूजीसी नेट जेआरएफ के तहत डॉ. रेमन को पहले दो वर्षों तक 37 हजार

रुपये प्रतिमाह तथा अगले तीन वर्षों तक 42 हजार रुपये प्रतिमाह शोधवृत्ति मिलेगी। इसके

अलावा शोध कार्य के लिए 20 हजार रुपये प्रतिवर्ष आकस्मिक अनुदान भी दिया जाएगा।

डॉ. रेमन ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों, शोध मार्गदर्शकों और

शिक्षकों के मार्गदर्शन एवं सहयोग को दिया। उन्होंने कहा कि दोनों राष्ट्रीय शोधवृत्तियों

के लिए चयन से उन्हें अपने शोध कार्य को और बेहतर तरीके से आगे बढ़ाने की प्रेरणा मिली

है।

उनकी उपलब्धि पर छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. संदीप गुप्ता, पशु चिकित्सा औषधि

विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. दिव्या अग्निहोत्री और जनसंपर्क अधिकारी डॉ. नीलेश सिंधु

ने भी बधाई दी। विश्वविद्यालय के शिक्षकों, विद्यार्थियों और शोधार्थियों ने खुशी जताते

हुए उनकी सफलता को युवा शोधार्थियों के लिए प्रेरणादायक बताया।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर