राजीव गांधी स्कॉलरशिप के लिए स्कूलों को अल्टीमेटम

 

पात्र विद्यार्थी छात्रवृत्ति से वंचित हुआ तो जिम्मेदार होंगे स्कूल मुखिया

चंडीगढ़, 12 सितंबर (हि.स.)। शिक्षा विभाग ने राजीव गांधी स्कॉलरशिप योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति को लेकर स्कूलों की जवाबदेही तय की है। मौलिक शिक्षा निदेशक की ओर से राज्य के सभी मौलिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वर्ष 2026-27 में पात्र विद्यार्थियों का पूरा डाटा 28 सितंबर तक वन स्कूल पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपडेट करना होगा। वार्षिक परीक्षा में पूर्व कक्षा में प्रथम श्रेणी में प्रथम आने वाले एक छात्र और एक छात्रा का डाटा दर्ज किया जाएगा।विभाग ने स्पष्ट किया है कि डाटा अपलोड में चूक के कारण कोई पात्र विद्यार्थी लाभ से वंचित हुआ तो जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, बीईओ, स्कूल मुखिया और कक्षा इंचार्ज जिम्मेदार होंगे।

मौलिक शिक्षा निदेशक की ओर से निर्देश जारी किए गए हैं कि वर्ष 2026-27 के दौरान पात्र विद्यार्थियों का चयन वार्षिक परीक्षा परिणाम के आधार पर पूर्व कक्षा में प्रथम श्रेणी में प्रथम आने वाले एक छात्र और एक छात्रा के रूप में किया जाना है। इन पात्र विद्यार्थियों का पूर्ण डाटा अपडेट करने के लिए वन स्कूल पोर्टल नया विकल्प उपलब्ध कराया गया है। संबंधित विद्यालयों को इसी विकल्प के माध्यम से पात्र छात्र-छात्राओं की आवश्यक जानकारी दर्ज करनी होगी।

निदेशालय ने जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने अधीनस्थ विद्यालयों के मुखियाओं को निर्देश दें कि पात्र विद्यार्थियों का पूरा डाटा 28 सितंबर तक अपलोड करना सुनिश्चित किया जाए। निर्धारित अवधि के बाद निदेशालय स्तर पर पोर्टल से डाटा डाउनलोड किया जाएगा, ताकि पात्र विद्यार्थियों को राजीव गांधी स्कॉलरशिप स्कीम के तहत छात्रवृत्ति एवं प्रोत्साहन राशि का लाभ प्रदान किया जा सके।

निदेशालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी पात्र विद्यार्थी का डाटा अपलोड होने से रह जाता है और वह छात्रवृत्ति अथवा प्रोत्साहन राशि के लाभ से वंचित रहता है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय, खंड शिक्षा अधिकारी, विद्यालय मुखिया और कक्षा इंचार्ज की होगी। इसके अलावा सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालयों को 30 सितंबर तक निदेशालय को प्रमाण-पत्र भेजना होगा कि उनके जिले के सभी विद्यालयों द्वारा पात्र विद्यार्थियों का डाटा वन स्कूल पोर्टल पर अपडेट कर दिया गया है। अंतर-जिला उदाहरण के आधार पर ‘स्टेपिंग अप’ का लाभ लेने वाले कर्मचारियों के लंबित एसीपी मामलों के निपटारे के लिए विभाग ने संबंधित कार्यालयों से रिकॉर्ड तलब किया है। निदेशालय ने निर्देश दिए हैं कि जिन कर्मचारियों के ऑनलाइन एसीपी मामले स्वीकृति के लिए निदेशालय भेजे जा चुके हैं, उनका पूरा रिकॉर्ड आगामी सात दिनों के भीतर उपलब्ध करवाया जाए।

निर्देशों के अनुसार संबंधित कर्मचारियों की मूल सेवा पंजिका और पर्सनल फाइल के साथ संबंधित अनुभाग अधिकारी की बिंदुवार स्पष्ट टिप्पणी तथा अनुशंसा रिपोर्ट भी भेजनी होगी। निदेशालय ने संबंधित अधिकारियों को सभी दस्तावेज निर्धारित समय-सीमा में उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि अंतर-जिला उदाहरण के आधार पर ‘स्टेपिंग अप’ का लाभ लेने वाले कर्मचारियों के एसीपी मामलों का नियमानुसार निपटारा किया जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा