मुख्यमंत्री ने झज्जर में 75 करोड़ की नौ विकास परियोजनाएं आमजन को सौंपी
-रईया अनुसंधान केंद्र और मुनीमपुर उत्कृष्टता केंद्र का उद्घाटन
-मुख्यमंत्री का आह्वान,कृषि को रोजगार नहीं उद्यमिता का माध्यम बनाएं युवा
चंडीगढ़, 17 जून (हि.स.)। हरियाणा सरकार प्रदेश में कृषि के साथ-साथ बागवानी क्षेत्र को भी विकास का मजबूत आधार बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को झज्जर के रईया में 13.27 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित अत्याधुनिक बागवानी अनुसंधान केंद्र तथा मुनीमपुर बादली में 8.50 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित बीज उत्पादन प्रौद्योगिकी उत्कृष्टता केंद्र का उद्घाटन किया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 53.60 करोड़ रुपये की लागत से तैयार सात अन्य विकास परियोजनाओं का भी उद्घाटन कर उन्हें आमजन को समर्पित किया।
मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गांव भिंडावास में आदर्श खेल स्टेडियम स्थापित किया जाएगा। वहीं माछरौली में बीडीपीओ कार्यालय भवन के निर्माण के लिए 5.87 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि झज्जर के रईया में लगभग 100 एकड़ भूमि पर 13 करोड़ 27 लाख रुपये की लागत से स्थापित यह अत्याधुनिक बागवानी अनुसंधान केंद्र हरियाणा के कृषि एवं बागवानी क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह केंद्र केवल एक अनुसंधान संस्थान नहीं, बल्कि किसानों, वैज्ञानिकों और नई तकनीकों के बीच सेतु का कार्य करेगा।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि फलों और सब्जियों की खेती में उत्पादन के बाद होने वाले नुकसान को कम करने तथा किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के लिए राज्य सरकार ने 2 हजार 738 करोड़ रुपये की लागत से 'सतत बागवानी संवर्धन परियोजना' शुरू की है। उन्होंने बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत प्रदेश में 400 बागवानी क्लस्टरों का विकास किया जाएगा तथा 500 उत्पादक समूहों को संगठित और सशक्त बनाया जाएगा। किसानों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजारों तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना के अंतर्गत 1,000 वर्षा जल संचयन संरचनाओं का निर्माण और 65 हजार एकड़ क्षेत्र को सूक्ष्म सिंचाई के दायरे में लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही संरक्षित खेती, एरोपोनिक्स, हाइड्रोपोनिक्स, ग्रीनहाउस और वर्टिकल फार्मिंग जैसी स्मार्ट बागवानी तकनीकों को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार भंडारण, मूल्य स्थिरता और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए नई कोल्ड चेन नीति लागू करने की दिशा में भी कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि आज कृषि केवल पारंपरिक खेती तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह आधुनिक एग्री-बिजनेस का स्वरूप ले चुकी है। ड्रोन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा विश्लेषण, स्मार्ट सेंसर, डिजिटल विपणन और ई-कॉमर्स जैसी तकनीकों ने कृषि क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं। हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि कृषि केवल गेहूं और धान की पारंपरिक खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि यह असीम संभावनाओं वाला विशाल क्षेत्र है। आज कृषि के भीतर फल, सब्जी, पुष्पोत्पादन, बीज उत्पादन, मत्स्य पालन, पशुपालन और कृषि प्रसंस्करण जैसे अनेक विशेषीकृत क्षेत्र विकसित हो चुके हैं।
भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कृषि और बागवानी क्षेत्र में भारत और इजरायल के बीच सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है।
कार्यक्रम में विशेष अतिथि इजरायल के राजदूत रूवेन अजार एवं उनकी धर्मपत्नी रेचल अजार, हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा, भाजपा के राष्ट्रीय सचिव ओम प्रकाश धनखड़, डॉ सारा ओलगा, प्रथम सचिव, इजरायल दूतावास, बहादुरगढ़ के विधायक राजेश जून तथा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजेंद्र कुमार सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा