सिरसा: पूर्व डिप्टी सीएम ने बिजली लाइसेंस निजी हाथों में सौंपने पर सरकार को घेरा
सिरसा, 23 अक्टूबर (हि.स.)। हरियाणा के पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने हरियाणा बिजली नियामक आयोग द्वारा गुरुग्राम व नूंह में निजी हाथों में बिजली आपूर्ति का लाइसेंस देने के मामले में सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। दुष्यंत चौटाला शुक्रवार को सिरसा में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। दुष्यंत ने कहा कि बिजली प्राधिकरण की ओर से निजी कंपनी को आगामी 25 साल के लिए गुरुग्राम व नूंह दोनों जिलों में बिजली वितरण के लिए ठेके दिए गए। उन्होंने कहा कि यह मामला उस समय और अधिक संवेदनशील तब हो जाता है जब निजी कंपनी की वित्तीय हालत ऑन रिकॉर्ड सही नहीं बताई जा रही।
पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि गुरुग्राम नूंह जिले से दक्षिण हरियाणा विद्युत निगम के राजस्व रिकॉर्ड में लगभग 50 फीसदी राजस्व उपरोक्त जिलों से आता है। सर्वाधिक लाभ कमाने वाले इन जिलों में ही यह फिर यह ठेका क्यों दिया गया? उन्होंने कहा कि यह निजी कंपनी बिजली वितरण के लिए निगम का ही इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग करेगी। चौटाला ने कहा कि निजी कंपनी को यह कार्य सौंपने का अर्थ है कि हरियाणा के युवाओं के लिए रोजगार के द्वार बंद होना।
इस निर्णय से बिजली निगम में युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पूरी तरह से समाप्त हो जाएंगे। उन्होंने वर्तमान स्थितियों पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि सरकार की हठधर्मिता व उदासीनता से आज पिछले 24 घंटों में लोगों को घरों में पानी नसीब नहीं हो रहा। इतना ही नहीं उद्योग धंधे, कारखाने बंद पड़े हैं। अस्पतालों में बिजली गुल है मरीजों का बुरा हाल है और उनके ऑपरेशन तक रुके हुए हैं। ऐसे में राज्य सरकार तमाशबीन बनी हुई है। पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा कि एक ओर प्रदेश के बिजली मंत्री प्रदेश निगम कर्मियों के हितैषी होने की बात कहते हैं, तो उन्हें प्राधिकरण की ओर से लिए गए इस निर्णय के विरोधस्वरूप अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को इलेक्ट्रिसिटी एक्ट 2003 के प्रावधानों के तहत अविलंब सिविल कोर्ट की सहायता से इस लाइसेंस को रद्द करवाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दिल्ली में ऐसे निर्णयों की पृष्ठभूमि में देखा गया है कि निजी कंपनियों ने आमजन को सुविधाएं कम और महंगे रेट पर बिजली उपलब्ध करवाई है जो सीधे सीधे आमजन से छलावा सिद्ध हुआ है।
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हिन्दुस्थान समाचार / Dinesh Chand Sharma