हिसार : सरकार ने शिक्षा व चिकित्सा देने में हाथ खड़े किए : संपत

 


कागजों में बढ़ रहे संस्थान, लगातार घट रहा बजट

हिसार, 19 अप्रैल (हि.स.)। इनेलो के राष्ट्रीय

संयोजक एवं पूर्व मंत्री प्रो. संपत सिंह ने आरोप लगाया कि पिछले कई वर्षों से सरकार

ने शिक्षा और चिकित्सा देने में हाथ खड़े कर दिए हैं और इन्हें निजी हाथों में सौंपा

जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल दिखावटी विस्तार कर रही है, जबकि जमीनी

सच्चाई पूरी तरह खोखली है।

संपत सिंह ने रविवार काे कहा कि वर्ष 2004 में प्रदेश में

66 कॉलेज और पांच विश्वविद्यालय थे, जो बढ़ाकर क्रमशः 186 व 23 कर दिए गए हैं। इसी तरह

अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है लेकिन यह विस्तार केवल कागजों

तक सीमित है क्योंकि न तो शिक्षकों की नियुक्ति हो रही है और न ही डॉक्टरों की। नतीजा

यह है कि पढ़ाने के लिए प्राध्यापक नहीं और इलाज के लिए डॉक्टर नहीं हैं। दवाइयों और

उपकरणों की भारी कमी है, और कई नए कॉलेज प्राथमिक स्कूलों में चलाए जा रहे हैं।

प्रो. संपत सिंह ने कहा कि प्राध्यापकों, प्रोफेसरों

और डॉक्टरों के 50 प्रतिशत से अधिक पद खाली पड़े हैं। सभी स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय

और अस्पताल वित्तीय संकट से जूझ रहे हैं, यहां तक कि सरकारी विश्वविद्यालयों को अनुदान

की जगह कर्ज दिया जा रहा है। उन्होंने सरकार पर बजट में भी कटौती का आरोप लगाते हुए

कहा कि शिक्षा का हिस्सा लगातार घट रहा है। ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार 2017-18 में शिक्षा

बजट कुल बजट का 12 प्रतिशत था, जो घटकर 2023-24 में 8.7 प्रतिशत और 2024-25 में

8.5 प्रतिशत रह गया। स्वास्थ्य क्षेत्र की हालत भी दुःखद है। परिणामस्वरूप पढ़ाई पर घर के बजट का बड़ा हिस्सा खर्च करने के बावजूद पढ़े-लिखे

नौजवानों का रोजगार न मिलने की वजह से सरकार के प्रति जबरदस्त निराशा व आक्रोश है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर