पलवल: बरसात से शहर की कई कालाेनियाें से लेकर हाईवे तक हुआ पानी-पानी

 


पलवल, 08 अगस्त (हि.स.)। ानसून की लगातार बारिश ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था की स्थिति सामने ला दी है। रुक-रुककर हो रही बारिश के बाद पलवल के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति गंभीर हो गई। मुख्य सड़कों से लेकर कालोनियों की गलियों तक पानी जमा होने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हाउसिंग बोर्ड कालोनी में हालात इस कदर खराब हैं कि लोगों के लिए घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है।

शनिवार को शहर के कई स्थानों पर करीब दो से तीन फीट तक पानी जमा होने की बात सामने आई है। राष्ट्रीय राजमार्ग-19, न्यू कालोनी, पुराना जीटी रोड, जवाहर नगर कैंप, बस स्टैंड, प्रकाश विहार, देव नगर और सल्लागढ़ सहित अनेक क्षेत्रों में बारिश का पानी सड़कों पर जमा रहा। कई जगह पार्कों में भी पानी भर जाने से वे तालाब जैसे नजर आए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पलवल में पहले बड़ी संख्या में जोहड़ और जलाशय थे, जहां बारिश का पानी आसानी से पहुंच जाता था। समय के साथ इन जलस्रोतों के खत्म होने और नालियों की समुचित सफाई नहीं होने के कारण बारिश के दौरान जलभराव की समस्या बढ़ती जा रही है। कई स्थानों पर सीवर लाइनें जाम होने से गंदा पानी भी सड़कों पर आने की शिकायत सामने आई है। निवासियों का आरोप है कि मानसून से पहले नालों की सफाई पर खर्च होने वाली राशि के बावजूद बारिश आते ही जलभराव की स्थिति पैदा हो जाती है। जलनिकासी के लिए नगर परिषद और जन स्वास्थ्य विभाग को कई स्थानों पर अतिरिक्त संसाधनों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। जलभराव के कारण शहर के कई पार्कों में भी पानी भर गया। पानी निकालने के लिए टैंकर लगाए गए हैं, लेकिन लगातार बारिश होने से निकासी का काम प्रभावित हो रहा है। स्थानीय निवासी चंद्र प्रकाश, मंजीत डाबर, बंटी और रोशन ने जलभराव की स्थायी समस्या का समाधान करने की मांग की है।

वहीं दूसरी ओर भारी बारिश का असर बिजली आपूर्ति पर भी पड़ा। शहर के कुछ हिस्सों में बिजली के खंभों और ट्रांसफार्मरों को नुकसान पहुंचने की सूचना है। इसके चलते कई इलाकों में विद्युत आपूर्ति बाधित रही। लोगों का कहना है कि जलभराव के बीच बिजली कटौती से परेशानी और बढ़ गई है। स्थानीय लोगों की मांग है कि प्रशासन बारिश के दौरान अस्थायी पानी निकासी की व्यवस्था के साथ-साथ शहर की जलनिकासी प्रणाली का स्थायी समाधान तैयार करे, ताकि हर मानसून में लोगों को इसी समस्या का सामना न करना पड़े।

हिन्दुस्थान समाचार / गुरुदत्त गर्ग