हिसार में ग्रामीण पृष्ठभूमि के राहुल पातड़ ने पास की यूपीएससी परीक्षा, 379वीं रैंक हासिल

 


राहुल पातड़ ने तीसरी बार साक्षात्कार में पास

की यूपीएससी, क्षेत्र का किया नाम रोशन

हिसार, 06 मार्च (हि.स.)। जिले के खंड उकलाना

के गांव बिठमड़ा के होनहार युवक राहुल पातड़ ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल

सेवा परीक्षा उत्तीर्ण कर 379वीं रैंक हासिल की है। राहुल की इस उपलब्धि से न केवल

उनके गांव बिठमड़ा बल्कि पूरे उकलाना क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है। क्षेत्रवासियों

का कहना है कि ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर राहुल ने यह बड़ी उपलब्धि हासिल कर क्षेत्र

का नाम रोशन किया है।

राहुल पातड़ एक सामान्य परिवार से संबंध रखते

हैं। उनके पिता राजेश पातड़ प्रॉपर्टी सलाहकार हैं, जबकि माता उषा पातड़ गृहिणी हैं।

उनकी एक बहन एमबीबीएस के अंतिम वर्ष की छात्रा है, जो उत्तराखंड से अपनी पढ़ाई कर रही

है। राहुल की आयु वर्तमान में 27 वर्ष हैं।

राहुल ने अपनी बीटेक की पढ़ाई दिल्ली टेक्नोलॉजिकल

विश्वविद्यालय (पूर्व में दिल्ली इंजीनियरिंग कॉलेज) से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में पूरी

की। उन्होंने वर्ष 2017 से 2021 के दौरान अपनी स्नातक शिक्षा पूरी की। राहुल ने दसवीं

कक्षा ओपी जिंदल मॉडर्न स्कूल, हिसार से उत्तीर्ण की, जबकि बारहवीं कक्षा उन्होंने

अपने नजदीकी गांव खांडा खेड़ी से नॉन-मेडिकल संकाय के साथ पास की।

बीटेक के तृतीय वर्ष के दौरान ही राहुल के मन

में भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाकर देश की सेवा करने का सपना जागा। इसके बाद उन्होंने

सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। कोरोना काल के दौरान भी उन्होंने लगातार

मेहनत और लगन के साथ पढ़ाई जारी रखी। तीसरी बार साक्षात्कार तक पहुंचने के बाद उन्होंने

यह सफलता हासिल की। राहुल ने इस परीक्षा में मैकेनिकल इंजीनियरिंग को वैकल्पिक विषय

के रूप में चुना था। उनकी रैंक के आधार पर उनका चयन भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) में

होने की संभावना है, जो केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण उच्च सेवा है।

विशेष बात यह है कि राहुल ने इस कठिन परीक्षा

की तैयारी के लिए ऑनलाइन कोचिंग का सहारा लिया और घर पर रहकर स्वयं अध्ययन के माध्यम

से तैयारी की। अपनी मेहनत और लगन के दम पर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया। राहुल की

इस उपलब्धि से उनके परिवार सहित पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। ग्रामीण परिवेश

से निकलकर उन्होंने कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक

उदाहरण प्रस्तुत किया है। परिवार के अनुसार राहुल के चाचा केंद्रीय जेल में सुपरिंटेंडेंट

के पद पर कार्यरत हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर