पानीपत के सिवाह में अधिग्रहित जमीन का बाजार मूल्य 78 लाख प्रति एकड़

 

उच्च न्यायालय ने जमीन मालिकों की अपील स्वीकार कर बढ़ाया मुआवजा

चंडीगढ़, 26 सितंबर (हि.स.)। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने पानीपत जिले के गांव सिवाह में सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के लिए अधिग्रहित जमीन का बाजार मूल्य बढ़ाकर 78 लाख रुपये प्रति एकड़ निर्धारित किया है। उच्च न्यायालय ने जमीन मालिकों की याचिका पर सुनवाई करते हुए मुआवजा बढ़ाने के आदेश दिए, जबकि हरियाणा सरकार की अपील खारिज कर दी। जस्टिस जगमोहन बंसल ने राज्य सरकार और जमीन मालिकों से जुड़ी कई अपीलों पर साझा फैसला सुनाया।

मामला सिवाह गांव में 25 एमएलडी क्षमता के सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण से संबंधित था। इसके लिए 28 फरवरी 2013 को भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 1894 की धारा चार के तहत अधिसूचना जारी की गई थी। इसके बाद 16 अप्रैल 2013 को धारा छह की अधिसूचना जारी हुई। भूमि अधिग्रहण कलेक्टर ने 26 सितंबर 2013 को मुआवजा निर्धारित करते हुए जमीन का बाजार मूल्य 40 लाख रुपये प्रति एकड़ तय किया था।

मुआवजा बढ़ाने की मांग पर संदर्भ अदालत ने 23 जनवरी 2017 को बाजार मूल्य बढ़ाकर 64 लाख 64 हजार 102 रुपये प्रति एकड़ कर दिया। इस फैसले के खिलाफ राज्य सरकार और जमीन मालिक दोनों उच्च न्यायालय पहुंचे थे। सुनवाई के दौरान जमीन मालिकों ने 2010 से 2014 के बीच हुए कई बिक्री विलेख पेश किए। इनमें कुछ लेन-देन में जमीन की कीमत करीब एक करोड़ रुपये प्रति एकड़ तक सामने आई। वहीं, राज्य सरकार की ओर से पेश बिक्री विलेखों में कीमत 35 से 40 लाख रुपये प्रति एकड़ थी।

उच्च न्यायालय ने कहा कि संबंधित अवधि के वास्तविक और तुलनीय बिक्री विलेख उपलब्ध होने पर वर्ष 2007 के पुराने अधिग्रहण अवॉर्ड को महज उसके आधार पर यांत्रिक तरीके से लागू नहीं किया जा सकता। जमीन का मूल्य तय करते समय क्षेत्र की तुलनीय बिक्री, भूमि की स्थिति, आकार और लेन-देन की वास्तविकता को ध्यान में रखना आवश्यक है।

कोर्ट ने बिक्री विलेखों का विश्लेषण कर भूमि मूल्य में वृद्धि और कमी के सिद्धांत लागू किए और 78 लाख रुपये प्रति एकड़ को उचित बाजार मूल्य माना। अदालत ने कहा कि बाजार मूल्य निर्धारण के लिए कोई कठोर और एकमात्र फार्मूला नहीं है, बल्कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उचित अनुमान लगाया जा सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा