हरियाणा: अब नहीं लिखा जाएगा अधीनस्थ अदालत या निचली कोर्ट
चंडीगढ़, 14 जनवरी (हि.स.)। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश की सभी अदालतों के लिए शब्दावली में बदलाव के निर्देश जारी किए हैं। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अब आधिकारिक पत्राचार और न्यायिक कार्यवाही में ‘अधीनस्थ अदालत’, ‘अधीनस्थ न्यायाधीश’ या ‘निचली अदालत’ जैसे शब्दों का प्रयोग नहीं किया जाएगा।
हाईकोर्ट ने निर्देश दिया कि हाईकोर्ट को छोडक़र राज्य और केंद्र शासित प्रदेश की सभी अदालतों को जिला न्यायालय, जिला न्यायपालिका या ट्रायल कोर्ट के रूप में संदर्भित किया जाएगा। परिपत्र में कहा गया है कि इन अदालतों को निचली अदालतें कहना संविधान की भावना के अनुरूप नहीं है।
मुख्य न्यायाधीश ने यह भी निर्देश दिए हैं कि अदालतों से संबंधित रिकार्ड को अब निचली अदालत का रिकार्ड (एलसीआर) नहीं कहा जाएगा। इसके स्थान पर ट्रायल कोर्ट का रिकार्ड (टीसीआर) शब्दावली का प्रयोग किया जाएगा। हाईकोर्ट की रजिस्ट्री को भी निर्देश दिए गए हैं कि वह अपने सभी दस्तावेजों और पत्राचार में इस बदलाव का पालन सुनिश्चित करें।
पिछले वर्ष सुप्रीम कोर्ट की एक खंडपीठ ने भी इसी तरह के निर्देश दोहराते हुए कहा था कि किसी भी अदालत को निचली अदालत कहना हमारे संवैधानिक ढांचे और न्यायपालिका की गरिमा के विरुद्ध है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा