पेयजल व्यवस्था में लापरवाही पर दो एसडीओ व दो जेई निलंबित, दो अधिकारी चार्जशीट
-प्रदेशभर में जनस्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द
चंडीगढ़, 27 मई (हि.स.)। हरियाणा के जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा ने पेयजल व्यवस्था में कोताही के आरोप में अधिकारियों पर कड़ा रुख अपनाते हुए दो एसडीओ और दो जेई को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। इनमें चरखी दादरी तथा हांसी क्षेत्र के अधिकारी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त आदमपुर के दो अधिकारियों को चार्जशीट करने के भी निर्देश दिए गए हैं। गर्मी के सीजन को देखते हुए जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।बुधवार को चंडीगढ़ में विभागीय अधिकारियों की बैठक के दौरान उन्होंने विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए हैं कि गर्मी के इस चुनौतीपूर्ण सीजन में आमजन को किसी भी प्रकार की पेयजल समस्या का सामना न करना पड़े।
इसके लिए अधिकारी फील्ड में रहकर कार्य करें, शिकायतों का त्वरित समाधान करें तथा जलापूर्ति व्यवस्था को पूरी क्षमता के साथ संचालित रखें।
बैठक में मुख्य अभियंता देवेंद्र दाहिमा सहित विभिन्न सर्कलों के अभियंता उपस्थित रहे, जबकि सभी सर्कलों के अंतर्गत आने वाले अधीक्षण अभियंता (एसई) और उपमंडल अभियंता (एसडीओ) वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े। कैबिनेट मंत्री ने निर्देश दिए कि सभी अधिकारी और कर्मचारी मुख्यालय पर उपलब्ध रहें तथा बिना अनुमति मुख्यालय न छोड़ें। साथ ही गर्मी के मौसम को देखते हुए कर्मचारियों की छुट्टियां भी रद्द करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी स्थिति में पेयजल आपूर्ति प्रभावित न हो। उन्होंने कहा कि जहां कहीं भी पेयजल संकट, जलघर की बदहाली, पाइपलाइन लीकेज या पानी की सप्लाई में बाधा जैसी समस्याएं सामने आएंगी, वहां संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
हांसी के चानौत गांव में पेयजल समस्या को लेकर चल रहे धरने और अधिकारियों से मिली रिपोर्ट पर संज्ञान लेते हुए मंत्री ने संबंधित एसडीओ और जेई को सस्पेंड करने के निर्देश दिए। जांच में सामने आया कि वहां के जिम्मेवार अधिकारियों द्वारा समस्या समाधान में अपेक्षित तत्परता नहीं दिखाई गई, जिसके कारण लोगों को लंबे समय तक परेशानी का सामना करना पड़ा। हिसार जिला के आदमपुर जलघर की बदहाल स्थिति तथा वहां पेयजल आपूर्ति में आ रही समस्याओं पर भी संज्ञान लिया गया। मंत्री ने इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित एसडीओ और जेई को चार्जशीट कर जवाब तलब करने के निर्देश दिए।
गंगवा ने एक्सईएन, एसडीओ और जेई स्तर के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से अपने क्षेत्रों का दौरा करें तथा पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की स्वयं निगरानी करें। उन्होंने कहा कि अधिकारी केवल कार्यालयों में बैठकर कार्य न करें बल्कि गांवों और शहरों में जाकर वास्तविक स्थिति का जायजा लें।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा