हांसी के चानौत में मिलेगी स्वतंत्र 10 इंची जल आपूर्ति पाइपलाइन

 


चानौत, खरकड़ी व महजत गावों को भाखड़ा नहर से मिलेगा पर्याप्त स्वच्छ पेयजल

हांसी, 10 जून (हि.स.)। हांसी क्षेत्र के चानौत में चल रहे आंदोलन के बीच जनस्वास्थ्य

विभाग ने बड़ा फैसला किया है। इसके तहत चानौत, खरकड़ी व महजत गांवों में दीर्घकालिक

और निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा

है। इसके तहत भाखड़ा नहर से पर्याप्त जल उपलब्ध कराने के लिए विस्तृत परियोजना तैयार

की गई है, जिस पर कार्य भी शुरू हो चुका है। परियोजना पूरी होने के बाद इन तीनों गांवों

में पेयजल की समस्या का स्थायी समाधान हो जाएगा और ग्रामीणों को पर्याप्त मात्रा में

स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होगा।

उपायुक्त राहुल नरवाल ने बुधवार काे बताया कि नई योजना के तहत खरकड़ी पंप हाउस से खरकड़ी

गांव के जल घर तक 8 इंची पाइपलाइन तथा इसके बाद खरकड़ी से महजत गांव तक 6 इंची जल आपूर्ति

पाइपलाइन बिछाकर दोनों गांव को निर्बाध आपूर्ति की जानी है। फिलहाल चानौत गांव तक जा

रही 10 इंची पाइपलाइन अब केवल चानौत गांव को ही निर्बाध जलापूर्ति करेगी। जिसे तीनों

गांव की जलापूर्ति से संबंधित समस्या खत्म हो जाएगी। उन्होंने बताया कि जलापूर्ति व्यवस्था

को बेहतर बनाने के लिए खरकड़ी पंप हाउस पर दो नई मोटरें स्थापित कर दी गई हैं।

इनमें

चानौत गांव को निर्बाध जलापूर्ति उपलब्ध करवाने के लिए 50 हॉर्स पावर क्षमता की मोटर

लगाई गई है, जबकि 35 हॉर्स पावर क्षमता की मोटर खरकड़ी तथा महजत गांवों को पानी उपलब्ध

कराने के लिए स्थापित की गई है। इससे जल वितरण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और

सभी गांवों तक पर्याप्त मात्रा में पानी पहुंचाना संभव होगा।

इस जलापूर्ति प्रणाली के सुचारू संचालन के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति भी सुनिश्चित

की जा रही है। इसके लिए भाटला पंप हाउस से एक स्वतंत्र विद्युत फीडर स्थापित किया जा

रहा है। आगामी दो से तीन दिनों के भीतर बिजली के पोल लगाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

इसके अतिरिक्त किसी भी आपात स्थिति में जलापूर्ति प्रभावित न हो, इसके लिए खरकड़ी पंप

हाउस पर एक बड़ा जनरेटर सेट भी स्थापित कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा

चानौत गांव के जलघर के व्यापक सुधारीकरण के लिए लगभग 7 करोड़ 50 लाख रुपये की राशि

स्वीकृत की जा चुकी है। इस परियोजना के तहत पुराने ईंटों से बने टैंक को आधुनिक सीमेंटेड

टैंक में परिवर्तित किया जाएगा। साथ ही वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के अधूरे कार्यों को

पूरा किया जाएगा तथा जलघर में नई एवं आधुनिक मशीनरी स्थापित की जाएगी, जिससे जल शोधन

और वितरण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर