जींद : सरकार की वादाखिलाफी पर बिफरा भारतीय मजदूर संघ
जींद, 17 अगस्त (हि.स.)। भारतीय मजदूर संघ जिला कार्य समितियों के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। डीआरओ राजकुमार के नाम प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
भारतीय मजदूर संघ के जिला मंत्री विनोद शर्मा व दिनेश कौशिक ने कहा कि गुरुग्राम में आयोजित श्रमिक सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने स्वयं श्रमिकों को आश्वासन दिया था कि 15 जून तक सभी पात्र कर्मचारियों का रोजगार सुरक्षा अधिनियम के तहत कर्मचारियों की सेवा सुरक्षित कर दी जाएगी। बाद में 15 जून को 15 अगस्त कर दिया गया, परंतु ऐसा नहीं हुआ। सरकार ने श्रमिकों की पंचायत में किए गए वादे की वादा खिलाफी की है। इसके अलावा भारतीय मजदूर संघ ने सरकार को अपना मांग पत्र भेजे काफी समय हो गया, परंतु उसे पर कोई आधिकारिक बैठक सरकार ने नहीं बुलाई है। इस कारण प्रदेश के कर्मचारी श्रमिक में भारी रोष है। इसके परिणाम स्वरूप भारतीय मजदूर संघ के कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों में समस्याओं का 11 सूत्रीय ज्ञापन केंद्र सरकार व मुख्यमंत्री को भेजा है।
उन्होंने कहा कि ज्ञापन में न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये करना, ईएसआइसी की सीलिंग सीमा 21 हजार से बढ़कर 42 हजार करना, ईपीएस पेंशन 7500 प्रति माह करना व डीए और मेडिकल स्कीम भी जोडऩा, ईपीएफ की सीमा 15 हजार से बढ़कर 30 हजार करना, बोनस गणना की सीलिंग सात हजार से बढ़कर 21 हजार करना, बोनस पात्रता की सीमा 21 हजार से बढ़कर 42 हजार करना, सभी स्कीम वर्कर जैसे एनएचएम, समग्र शिक्षा, आंगनबाड़ी, आशा वर्कर, मिड डे मील को स्थायी कर्मचारी का दर्जा देकर इनका नियमित करना, ग्रेजुएटी अधिनियम 1972 के अनुसार सभी को ग्रेच्युटी का लाभ देना व इसकी अधिकतम सीमा बढ़ा कर 40 लाख रुपये करना, श्रम संहिताओं में एंटी वर्कर प्रावधानों को हटाना, बैंकिंग क्षेत्र में पांच दिन का कार्य सप्ताह लागू करना शामिल है। यदि सरकार शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो भारतीय मजदूर संघ पूरे प्रदेश में आंदोलन को और अधिक व्यापक व तेज करेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा