पानीपत: मांगे न मानने पर आशा वर्करों ने सीएमओ कार्यालय के बाहर प्रदर्शन
पानीपत, 06 जुलाई (हि.स.)। पानीपत में आशा वर्करों का गुस्सा सरकार के खिलाफ फूट पड़ा है। अपनी लंबित मांगों को लेकर सोमवार को सैकड़ों आशा वर्करों ने सीएमओ कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान वर्करों ने सरकार और विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद आशा वर्करों ने सीएमओ के माध्यम से केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा और जल्द से जल्द अपनी मांगें पूरी करने की अपील की।प्रदर्शन का नेतृत्व कर रही आशा वर्कर एसोसिएशन की जिला प्रधान बंटी देवी ने कहा कि हम आशा वर्कर गांव-गांव और घर-घर जाकर आम जनता को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में सबसे अहम भूमिका निभाती हैं। गर्भवती महिलाओं की शुरुआती देखभाल से लेकर प्रसव कराने, बच्चों का समय पर टीकाकरण अभियान, नवजात शिशुओं की चौबीसों घंटे निगरानी और सरकार की तमाम स्वास्थ्य योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने की पूरी जिम्मेदारी हमारे ही कंधों पर होती है। दिन-रात एक करके विभाग की रीढ़ बने हुए हैं, इसके बावजूद सरकार द्वारा हमारे ही अधिकारों और हितों की लगातार अनदेखी की जा रही है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिला प्रधान बंटी देवी व अन्य प्रदर्शनकारी महिलाओं ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री द्वारा उनके मानदेय में 1500 रुपए की बढ़ोतरी करने की घोषणा की गई थी। इस घोषणा को लंबा समय बीत चुका है, लेकिन आज तक यह बढ़ा हुआ लाभ धरातल पर किसी भी आशा वर्कर को नहीं मिला। इसके अलावा, जो नियमित मानदेय उन्हें मिलता है, उसका भुगतान भी समय पर नहीं किया जाता। उन्होंने मांग की कि अन्य सभी लंबित विभागीय और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी मांगों का शीघ्र समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि जल्द ही कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो वे अपने काम का पूरी तरह से बहिष्कार कर आने वाले समय में इस आंदोलन को और उग्र व तेज करने के लिए मजबूर होंगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग और सरकार की होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल वर्मा