हिसार: हरियाणा में शिक्षा विभाग के 74 लिपिकों की पदोन्नति करके बनाया सहायक
हिसार जिले के कर्मचारियों को भी मिली नई जिम्मेदारी
हिसार, हांसी, बरवाला, आदमपुर और अग्रोहा में भी बदली जिम्मेदारियां
शिक्षा निदेशालय ने जारी किए आदेश, पदोन्नत कर्मचारियों को एक साल की परिवीक्षा
अवधि पर किया गया नियुक्त
हिसार, 04 नवंबर (राजेश्वर बैनीवाल)। हरियाणा के शिक्षा विभाग में लंबे समय
से पदोन्नति का इंतजार कर रहे लिपिकों को सरकार ने बड़ी राहत दी है। विद्यालय शिक्षा
निदेशालय ने प्रदेश के 74 लिपिकों, स्टेनो टाइपिस्ट और जूनियर स्केल स्टेनोग्राफर को
पदोन्नत कर सहायक (असिस्टेंट) बना दिया है। इस संबंध में निदेशालय की ओर से आदेश जारी किए गए हैं। पदोन्नति के साथ कर्मचारियों
को विभिन्न जिला शिक्षा अधिकारियों और खंड शिक्षा अधिकारियों के कार्यालयों में रिक्त
पदों पर नियुक्त किया गया है।
इस सूची में हिसार जिले के विभिन्न स्कूलों और कार्यालयों
में कार्यरत कर्मचारियों को भी पदोन्नति का लाभ मिला है। जारी आदेश के अनुसार हिसार
जिले के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अग्रोहा में कार्यरत लिपिक अशोक लांबा को
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय हिसार में नियुक्त किया गया है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक
विद्यालय ढ़ाना खुर्द के सुरेंद्र मोहन को खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय हांसी, राजकीय
उच्च विद्यालय कनोह के टेकचंद को खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय अग्रोहा, खंड शिक्षा
अधिकारी कार्यालय हिसार-द्वितीय के अजमेर सिंह को इसी कार्यालय में, राजकीय वरिष्ठ
माध्यमिक विद्यालय पाबड़ा के सतपाल को खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय बरवाला और राजकीय
वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बुड़ाक के कमल राज को खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय आदमपुर
में नियुक्ति दी गई है।
निदेशालय ने पदोन्नति आदेशों में स्पष्ट किया है कि सभी कर्मचारियों को एक
वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर रखा जाएगा। उनकी पदोन्नति पात्रता की समीक्षा और बाद में
किसी तरह की विसंगति सामने आने पर रद्द भी की जा सकती है। पदोन्नत कर्मचारियों को निर्धारित
नियमों और शर्तों के अनुसार कार्यभार संभालना होगा। आदेश में संबंधित अधिकारियों को
कर्मचारियों का एमआईएस डाटा अपडेट करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
विभागीय सूत्रों के अनुसार यह पदोन्नति हरियाणा सिविल सेवा (संशोधित वेतन)
नियम, 2016 के तहत पे मैट्रिक्स के एफपीएल-6 में की गई है। निदेशालय ने कुछ कर्मचारियों
के पदोन्नति मामले वरिष्ठता संबंधी विसंगतियों, चार्जशीट और अन्य कारणों से फिलहाल
रोक दिए हैं। ऐसे कर्मचारियों की संख्या सात बताई गई है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर