सिरसा: विभाजन की पीड़ा को याद कर सद्भाव और विकसित भारत का संकल्प लें युवा: कुलपति

 


सिरसा, 14 अगस्त (हि.स.)। चौ: देवीलाल विश्वविद्यालय (सीडीएलयू) सिरसा के कुलपति प्रो. विजय कुमार ने कहा कि प्रत्येक नागरिक और विशेषकर युवाओं के लिए अपने देश और उसके इतिहास को जानना बेहद जरूरी है। उन्होंने विभाजन की पीड़ा को याद करते हुए कहा कि अनेक परिवारों ने इस त्रासदी में अपने प्रियजनों को खोया था। उन्होंने कहा कि हमें अपने पूर्वजों के बलिदान को कभी नहीं भूलना चाहिए और ऐसी त्रासदी दोबारा न हो, इसके लिए आपसी भाईचारे, सद्भाव और शांति को मजबूत करना होगा। कुलपति सीडीएलयू में शुक्रवार को विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इसके अलावा जिले के कई शिक्षण संस्थानों में विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

कुलपति ने कहा कि भारत युवाओं का देश है और देश के भविष्य की दिशा एवं दशा तय करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान किया कि वे अपनी शक्ति और क्षमताओं को पहचानें तथा शिक्षा के साथ-साथ मानसिक स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि आज मोबाइल हमारे लिए दोस्त भी है और दुश्मन भी, इसका विवेकपूर्ण उपयोग आवश्यक है।

शक्षाविद राजकुमार ग्रोवर ने कहा कि हमें नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से बचना होगा और समाज में समरसता को बढ़ावा देना होगा। उन्होंने कहा कि समाज और देश को आगे ले जाना ही हमारी सच्ची अभिव्यक्ति है। युवाओं को सकारात्मक सोच के साथ अपनी ऊर्जा राष्ट्र निर्माण में लगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का गौरव बढ़ाना और प्रत्येक विद्यार्थी को उसकी मंजिल तक पहुंचाना शिक्षकों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। विद्यार्थियों को केवल डिग्री तक सीमित न रहकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान विभाजन के दौरान विस्थापन, पीड़ा और मानवीय त्रासदी को दर्शाने वाली प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों को उस दौर की घटनाओं से अवगत कराया गया।

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हिन्दुस्थान समाचार / Dinesh Chand Sharma