प्राथमिक शिक्षकों का स्टेट कैडर बनाने की मांग
चंडीगढ़, 03 अक्टूबर (हि.स.)। हरियाणा के सरकारी प्राथमिक स्कूलों में कहीं शिक्षकों की कमी है तो कहीं जरूरत से अधिक शिक्षक तैनात हैं। जिलेवार कैडर व्यवस्था को इसका बड़ा कारण बताते हुए डेमोक्रेटिक स्कूल टीचर्स एसोसिएशन ने पीआरटी-जेबीटी को स्टेट कैडर में शामिल करने की मांग की है। इससे सरप्लस शिक्षकों का रिक्त पदों पर अंतर-जिला समायोजन संभव होगा।
डेमोक्रेटिक स्कूल टीचर्स एसोसिएशन हरियाणा के जिला प्रधान अशोक जैन ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था में शिक्षक जिला कैडर तक सीमित हैं। इसके चलते एक जिले में शिक्षक सरप्लस होने के बावजूद दूसरे जिले के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के पद रिक्त पड़े रहते हैं। उन्होंने कहा कि इस स्थिति का समाधान शिक्षकों के आवश्यकता के अनुसार अंतर-जिला समायोजन से किया जा सकता है।
विभागीय आंकड़ों का हवाला देते हुए अशोक जैन ने बताया कि पलवल में 1,017, यमुनानगर में 827, गुरुग्राम में 656, फरीदाबाद में 579, अंबाला में 550 और सिरसा में 474 पद रिक्त बताए गए हैं। वहीं महेंद्रगढ़ में 250, रेवाड़ी में 225 और चरखी दादरी में 149 शिक्षक सरप्लस बताए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश में शिक्षकों की कुल उपलब्धता के बावजूद उनका जिलेवार वितरण संतुलित नहीं है। ऐसे में सरप्लस जिलों के शिक्षकों को रिक्त पदों वाले जिलों में भेजने की व्यवस्था किए जाने से समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है।
अशोक जैन ने कहा कि यदि पीआरटी-जेबीटी का स्टेट कैडर बनाया जाता है तो रिक्त पदों और विद्यालयों की वास्तविक आवश्यकता के आधार पर पारदर्शी ऑनलाइन अंतर-जिला स्थानांतरण की व्यवस्था की जा सकती है। इससे किसी जिले में शिक्षकों की अधिकता और दूसरे जिले में कमी की स्थिति को संतुलित किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि इसका सीधा लाभ सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले विद्यार्थियों को मिलेगा। विशेषकर ग्रामीण एवं दूर-दराज के क्षेत्रों के विद्यालयों में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध होने से पढ़ाई प्रभावित नहीं होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा