हिसार में खरगोश के शिकार पर तीन के खिलाफ मामला दर्ज, मास्टरमाइंड पर शिकंजा कसने की तैयारी

 


बिश्नोई समाज के दबाव के बाद तेज हुई कार्रवाई

हिसार, 18 जुलाई (हि.स.)। सुलखनी-धान्सू क्षेत्र में सामने आए कथित खरगोश शिकार

प्रकरण अब बड़ा कानूनी और सामाजिक मुद्दा बन गया है। वन्यजीव संरक्षण को लेकर

उठे इस मामले में बिश्नोई समाज की एकजुटता और लगातार विरोध के बाद वाइल्डलाइफ विभाग

ने तीन नामजद आरोपितों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया

है।

अब जांच का दायरा बढ़ाते हुए विभाग पूरे मामले के कथित मास्टरमाइंड और शिकार गिरोह

से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने में जुट गया है।

बिश्नोई समाज के प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को धान्सू डियर पार्क पहुंचकर वाइल्डलाइफ

इंस्पेक्टर दिनेश जांगड़ा को ज्ञापन सौंपा और मामले में शामिल प्रत्येक व्यक्ति के

खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की।

प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट कहा कि वन्यजीवों

के शिकार जैसी घटनाओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों को कड़ी

सजा मिलनी चाहिए।

शिकायतकर्ता रोहताश पवार, विष्णु जांगू और रमेश जांगू के अनुसार 14 जुलाई को

गांव में कुछ युवकों के पास संदिग्ध बैग होने की सूचना मिली थी। बैग की जांच करने पर

उसमें एक मृत खरगोश मिला। आरोप है कि ग्रामीणों के पहुंचते ही संबंधित युवक मौके से

फरार हो गए। सूचना मिलने पर वाइल्डलाइफ विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

इसके बाद तीन व्यक्तियों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज किया गया।

वाइल्डलाइफ विभाग के इंस्पेक्टर दिनेश जांगड़ा ने बताया कि शुरुआती जांच में

तीन नामजद आरोपितों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। जांच के दौरान ऐसे संकेत मिले हैं

कि घटना के पीछे अन्य लोगों की भी भूमिका हो सकती है। इसी कारण जांच का दायरा बढ़ाया

गया है और टीम पूरे मामले के कथित मास्टरमाइंड तक पहुंचने के लिए साक्ष्य जुटा रही

है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर