जींद : निपुण प्रशिक्षण से अनुपस्थित शिक्षकों का विवरण 29 जुलाई तक भेजने के निर्देश

 


जींद, 26 जुलाई (हि.स.)। हरियाणा विद्यालय शिक्षा निदेशालय ने निपुण हरियाणा मिशन के तहत आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 के शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों की तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में प्रदेश के सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए वर्ष 2022-23 से लेकर वर्ष 2025-26 तक आयोजित निपुण मिशन के विभिन्न शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों में अनुपस्थित रहे शिक्षकों का विस्तृत विवरण निर्धारित प्रारूप में उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए हैं।

जिला समन्वयक एफएलएन राजेश वशिष्ठ ने बताया कि यह निर्देश 25 जुलाई को सहायक निदेशक (अकादमिक) द्वारा जारी किए गए हैं। विभाग द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट किया गया है कि शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए प्रभावी एवं सुव्यवस्थित शिक्षक प्रशिक्षण कायक्रम तैयार करने के उद्देश्य से यह जानकारी एकत्रित की जा रही है। विभाग चाहता है कि जिन शिक्षकों ने पूर्व वर्षों में आयोजित प्रशिक्षणों में भाग नहीं लिया, उनकी पहचान कर भविष्य की प्रशिक्षण योजनाओं में उन्हें प्राथमिकता के आधार पर शामिल किया जा सके। पत्र के अनुसार वर्ष 2022-23 से अबतक निपुण हरियाणा मिशन के अंतर्गत कई महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए।

इनमें नवंबर 2022 का एफएलएन रिफ्रेशर प्रशिक्षण जून 2023 का छह दिवसीय एफएलएन शिक्षक प्रशिक्षण, सितंबर-अक्टूबर 2023 का छह दिवसीय ईसीसीई बालवाटिका-3 प्रशिक्षण, मई-जून 2024 में कक्षा चौथी एवं पांचवीं के पाठ्यक्रम और शिक्षण पद्धति पर चार दिवसीय प्रशिक्षण, नवंबर-दिसंबर 2024 में बालवाटिका के लिए पांच दिवसीय प्रशिक्षण, जून 2025 में कक्षा पहली से तीसरी के शिक्षकों के लिए पांच दिवसीय प्रशिक्षण तथा जनवरी 2026 में स्ट्रक्चर्ड ग्रुपिंग एवं रेमेडिएशन विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण शामिल हैं।

निदेशालय ने सभी जिलों को निर्देशित किया है कि वे इन सभी प्रशिक्षण कार्यक्रमों में अनुपस्थित रहे शिक्षकों के नाम, विद्यालय तथा अन्य आवश्यक विवरण निर्धारित गूगल शीट में सावधानीपूर्वक भरें। विभाग ने विशेष रूप से यह भी कहा है कि भेजी जाने वाली सूचना पूर्णत: सत्यापित होनी चाहिए ताकि आगामी प्रशिक्षण कार्यक्रमों की योजना वास्तविक आवश्यकता के अनुरूप बनाई जा सके। विभाग ने इस कार्य के लिए 29 जुलाई की अंतिम तिथि निर्धारित की है। सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को समयबद्ध रूप से जानकारी भेजने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे आगामी प्रशिक्षण कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने में किसी प्रकार की कठिनाई न आए।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा