यमुनानगर: शहीद पुलिसकर्मियों के घर पहुंची पुलिस, परिजनों को किया सम्मानित
यमुनानगर, 24 अक्टूबर (हि.स.) पुलिस शहीदी स्मृति दिवस के तहत यमुनानगर जिला पुलिस ने अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए प्राण न्योछावर करने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने शहीदों के घर पहुंचकर उनके परिजनों से मुलाकात की और उन्हें सम्मानित किया। पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य शहीद पुलिसकर्मियों के साहस और बलिदान को समाज तथा नई पीढ़ी तक पहुंचाना है। डीएसपी रजत गुलिया, वेलफेयर निरीक्षक कुसुम बाला और अन्य पुलिस अधिकारी शहीद मुख्य सिपाही कर्ण सिंह के घर पहुंचे। कर्ण सिंह बिलासपुर थाने में तैनात थे। पुलिस के अनुसार, 30 अगस्त 1990 को सूचना मिली थी कि कुछ सशस्त्र आतंकवादी मारवा खुर्द गांव के गुरुद्वारे में छिपे हैं। सूचना पर कर्ण सिंह मुख्य सिपाही सतबीर सिंह के साथ मौके पर पहुंचे। संदिग्धों की तलाश के दौरान मुठभेड़ हुई, जिसमें कर्ण सिंह शहीद हो गए।
इसी क्रम में डीएसपी रमेश कुमार, साढौरा थाना प्रभारी लखविंदर सिंह, वेलफेयर निरीक्षक कुसुम बाला और अन्य अधिकारियों ने शहीद मुख्य सिपाही अजायब सिंह के परिवार से मुलाकात की। अजायब सिंह हरियाणा सिविल सचिवालय, चंडीगढ़ के वीवीआईपी गेट पर तैनात थे। पुलिस के मुताबिक, आतंकवादियों द्वारा किए गए बम विस्फोट में वह कर्तव्य निभाते हुए शहीद हो गए थे। इस घटना में पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की भी मौत हुई थी। पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल ने कहा कि शहीदों का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा और उनके परिवारों का सम्मान करना पुलिस का नैतिक दायित्व है। उन्होंने थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्रों में शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों के संपर्क में रहें तथा उनकी जरूरतों का ध्यान रखें।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार