यमुनानगर: पुलिसकर्मी के दस्तावेजों पर 18 साल पहले बनी फर्म, टैक्स कार्रवाई से खुला मामला

 


यमुनानगर, 25 सितंबर (हि.स.)। यमुनानगर पुलिस के एक एएसआई के पहचान संबंधी दस्तावेजों और राशन कार्ड का कथित इस्तेमाल कर करीब 18 वर्ष पहले फर्म पंजीकृत कराने का मामला सामने आया है। पंचकूला में एएसआई स्टाफ के रूप में तैनात कर्मजीत सिंह की शिकायत पर सिटी थाना पुलिस ने धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।

शिकायतकर्ता के अनुसार, वर्ष 2008 में कुछ लोगों ने उनके दस्तावेजों के आधार पर एमएस यमुना सेल्स कॉरपोरेशन नाम से फर्म दर्ज कराई और उसके नाम पर वैट नंबर भी हासिल किया। फर्म का पता जगाधरी रोड पर झेलम ज्वेलर्स के पास, होटल उमंग के सामने और सनी बैर के पीछे बताया गया था।

कर्मजीत सिंह का कहना है कि उन्हें इस फर्म के बारे में कोई जानकारी नहीं थी और न उन्होंने इसका कारोबार किया। उनके मुताबिक उन्होंने फर्म के नाम पर कोई बैंक खाता नहीं खुलवाया, किसी खाते का संचालन नहीं किया और न ही व्यावसायिक दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए। उस समय वह पुलिस विभाग में सरकारी ड्यूटी पर तैनात थे।

शिकायत के मुताबिक, आबकारी एवं कराधान विभाग ने 22 मार्च 2010 को फर्म का पंजीकरण रद्द कर दिया था। इसके बावजूद 2014 में उनके खिलाफ एक्स-पार्टी पेनल्टी के आदेश जारी हुए। फर्म से जुड़े बैंक खातों को बाद में एसबीआई और एचडीएफसी, पंचकूला के अधिकारियों के पत्रों के माध्यम से फ्रीज कराया गया।

कर्मजीत सिंह के अनुसार, जुलाई 2026 में पुराने टैक्स मामले में उनके बैंक खाते फ्रीज करने और वेतन अटैच करने की कार्रवाई शुरू हुई, तब उन्हें कथित फर्जीवाड़े से हुए आर्थिक नुकसान का पता चला। इसके बाद उन्होंने पुलिस अधीक्षक को शिकायत दी। सिटी थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया गया है। पुलिस दस्तावेजों के दुरुपयोग, फर्म के पंजीकरण, बैंक खातों के संचालन और इसमें शामिल लोगों की पहचान की जांच कर रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार