कैथल: साइबर अपराधों पर कसेगा शिकंजा: ‘अभेद्य’ ऐप और डबल ओटीपी प्रणाली लागू, 24x7 हेल्पलाइन से मिलेगा सुरक्षा कवच : एसपी
कैथल, 27 अप्रैल (हि.स.)।
जिले में बढ़ते साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस ने बड़ा कदम उठाते हुए ‘अभेद्य’ मोबाइल ऐप और डबल ओटीपी/ड्यूल ऑथेंटिकेशन प्रणाली लागू की है। इन तकनीकी उपायों से डिजिटल अरेस्ट, फर्जी निवेश योजनाओं, विदेशी एक्सटॉर्शन कॉल्स और अन्य साइबर ठगी के मामलों पर सख्ती से अंकुश लगाया जाएगा।
पुलिस अधीक्षक मनप्रीत सिंह सूदन ने साेमवार काे बताया कि हरियाणा पुलिस द्वारा विकसित ‘अभेद्य’ ऐप एक उन्नत सुरक्षा प्लेटफॉर्म है, जो नागरिकों को संदिग्ध कॉल्स, धमकी भरे संदेशों, ऑनलाइन स्टॉकिंग और डिजिटल उत्पीड़न से बचाता है। यह ऐप अंतरराष्ट्रीय, वर्चुअल और अनसेव्ड नंबरों की पहचान कर उनकी निगरानी करता है। यदि किसी यूजर को विदेश से संदिग्ध कॉल आती है, तो ऐप उसे स्वतः रिजेक्ट कर ब्लॉक कर देता है। साथ ही संदिग्ध चैट, वॉयस मैसेज और नोटिफिकेशन को भी डिवाइस से हटा देता है, जिससे यूजर को मानसिक तनाव से राहत मिलती है। उन्होंने बताया कि ऐप को और प्रभावी बनाने के लिए इसमें 24x7 हेल्पलाइन, व्हाट्सएप सपोर्ट और कॉलिंग सुविधा भी जोड़ी गई है, ताकि आपात स्थिति में तुरंत सहायता मिल सके। इच्छुक व्यक्ति जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय से संपर्क कर अधिकृत एक्सेस प्राप्त कर सकते हैं। यह ऐप एंड्रॉयड और एप्पल दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है।
इसके अलावा, साइबर ठगी के नए ट्रेंड ‘डिजिटल अरेस्ट’ को रोकने के लिए ‘डबल ओटीपी प्रणाली’ लागू की गई है। एसपी ने बताया कि साइबर ठग खुद को अधिकारी बताकर लोगों को डराते हैं और उनसे ओटीपी साझा करवा लेते हैं, जिससे उनके बैंक खातों से पैसे निकल जाते हैं। इस नई प्रणाली में पहला ओटीपी संबंधित व्यक्ति के मोबाइल पर आता है, जबकि दूसरा ओटीपी या पुष्टि कॉल उसके द्वारा नामित किसी विश्वसनीय परिजन या मित्र के पास जाती है। लेन-देन तभी पूरा होगा जब दोनों स्तरों पर सत्यापन हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यह प्रणाली साइबर अपराधियों द्वारा बनाए जाने वाले मानसिक दबाव को तोड़ती है और परिवार के सदस्य को समय रहते सतर्क कर देती है, जिससे धोखाधड़ी की संभावना काफी हद तक खत्म हो जाती है। विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह व्यवस्था काफी उपयोगी साबित होगी।
एसपी मनप्रीत सिंह सूदन ने आमजन से अपील की कि कोई भी सरकारी एजेंसी फोन पर डिजिटल अरेस्ट जैसी कार्रवाई नहीं करती। यदि किसी को विदेश से धमकी या एक्सटॉर्शन कॉल आती है तो घबराने की जरूरत नहीं है और तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या आपातकालीन नंबर 112 पर संपर्क करें।
हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे