पीएमश्री और संस्कृति मॉडल स्कूलों में सीबीएसई सीपीडी ट्रेनिंग के लिए शिक्षकों से कोई व्यक्तिगत खर्च नहीं
सीपीडी ट्रेनिंग का खर्चा उठाएगा शिक्षा विभागचंडीगढ़, 28 फ़रवरी (हि.स.)। प्रदेश के पीएमश्री और संस्कृति मॉडल स्कूलों में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की ओर से अनिवार्य की गई सीपीडी (सतत व्यावसायिक विकास) ट्रेनिंग को लेकर शिक्षा विभाग ने बड़ा फैसला लिया है।
विद्यालय शिक्षा निदेशालय की ओर से शिक्षकों को बड़ी राहत दी है देते हुए निर्देश जारी किए हैं कि पीएमश्री और संस्कृति मॉडल स्कूलों सहित किसी भी विद्यालय के शिक्षक को ट्रेनिंग के लिए अपनी जेब से भुगतान नहीं करना होगा।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक की ओर सभी जिला शिक्षा अधिकारी, पीएमश्री और संस्कृति मॉडल स्कूल के प्राचार्यों को भेजे पत्र में स्पष्ट हिदायत दी गई है कि अब सीपीडी ट्रेनिंग का आयोजन शिक्षा विभाग द्वारा किया जाएगा। निदेशक की ओर से सख्त निर्देश जारी किए गए हैं कि किसी भी शिक्षक को सीबीएसई पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य सीपीडी ट्रेनिंग में भाग लेने के लिए व्यक्तिगत खर्च उठाने के लिए बाध्य न किया जाए। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि विभाग के संज्ञान में आया है कि कुछ स्थानों पर शिक्षकों को सीबीएसई की अनिवार्य सीपीडी ट्रेनिंग के लिए स्वयं भुगतान करने के निर्देश दिए जा रहे थे, जो पूरी तरह अनुचित है।
विभाग की ओर से सख्त लहजे में हिदायत दी गई है कि कोई भी स्कूल मुखिया किसी भी शिक्षक को अपने खर्च पर सीपीडी ट्रेनिंग में हिस्सा लेने के लिए मजबूर नहीं करेगा। सीबीएसई द्वारा निर्धारित ट्रेनिंग पूरी करने के लिए शिक्षकों पर किसी तरह की व्यक्तिगत वित्तीय जिम्मेदारी नहीं डाली जाएगी। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए वार्षिक प्रशिक्षण कैलेंडर तैयार किया जा रहा है, जिसमें सीबीएसई के अनिवार्य सीपीडी मानकों को शामिल किया जाएगा।
निदेशालय की ओर से सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी निर्देशों में स्पष्ट उल्लेख किया है कि सीबीएसई अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर सीपीडी ट्रेनिंग की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले स्कूलों तक इन आदेशों बारे अवगत कराएं, ताकि किसी भी शिक्षक पर सीपीडी ट्रेनिंग के लिए वित्तीय भार न पड़े। निर्देशों की अवहेलना को गंभीरता से लिया जाएगा। शिक्षा का यह कदम शिक्षकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ हटाने और प्रशिक्षण प्रक्रिया को पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा