कैथल: पटवारियों की हड़ताल से पटवार भवन पर लटके ताले, रजिस्ट्रियां व इंतकाल अटके

 




कैथल, 20 अगस्त (हि.स.)। जिले में पटवारियों की चार दिवसीय हड़ताल शुरू होते ही राजस्व से जुड़े कामकाज ठप हो गए। गुरुवार को पटवार भवनों पर ताले लटके रहे और काम कराने पहुंचे लोगों को बिना काम करवाए वापस लौटना पड़ा। फरद काउंटर बंद रहने से रजिस्ट्रियों का काम भी प्रभावित हुआ।

रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के बैनर तले पटवारियों ने लघु सचिवालय में एकत्रित होकर हड़ताल के समर्थन में रोष जताया। पटवारियों के काम पर नहीं आने से इंतकाल, फरद, जाति प्रमाण पत्र, डोमिसाइल और जमीन से संबंधित विभिन्न रिपोर्टों का काम रुक गया।

जानकारी के अनुसार जिले में करीब पांच हजार इंतकाल लंबित हैं। इसके अलावा करीब 150 रजिस्ट्रियां, एक हजार फरद, एक हजार जाति प्रमाण पत्र व डोमिसाइल तथा बैंक लोन से संबंधित करीब 500 रिपोर्ट अटक गई हैं। पटवार भवन में काम कराने पहुंचे लोगों ने बताया कि हड़ताल के कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों का कहना था कि शुक्रवार के बाद दो दिन सरकारी अवकाश है। ऐसे में यदि सोमवार को भी हड़ताल जारी रहती है तो काम के लिए आने वाले लोगों की परेशानी और बढ़ सकती है।

लोगों ने प्रशासन से मांग की कि हड़ताल के दौरान वैकल्पिक व्यवस्था की जाए, ताकि जरूरी राजस्व कार्यों के लिए लोगों को भटकना न पड़े।

पटवारियों की चार दिन की हड़ताल के कारण इंतकाल, रजिस्ट्रियां, फरद, जाति प्रमाण पत्र, डोमिसाइल और जमीन से संबंधित रिपोर्टों का काम प्रभावित रहेगा। जिले में करीब 5 हजार इंतकाल लंबित हैं, जबकि लगभग 150 रजिस्ट्रियां, एक हजार फरद, एक हजार जाति प्रमाण पत्र व डोमिसाइल और बैंक लोन से जुड़ी करीब 500 रिपोर्टें अटकी हुई हैं। जिले में वर्तमान में 141 पटवारी और 15 कानूनगो कार्यरत हैं। पटवारियों के हड़ताल पर जाने से पहले से लंबित राजस्व कार्यों की संख्या और बढ़ने की संभावना है। खासकर रजिस्ट्री, इंतकाल और बैंक लोन से जुड़े मामलों में लोगों को काम पूरा होने के लिए अब हड़ताल खत्म होने का इंतजार करना पड़ेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे