हरियाणा: परिवार पहचान पत्र के नियमों में बड़ा बदलाव, किसानों को मिलेगी बड़ी राहत
चंडीगढ़, 16 जुलाई (हि.स.)। हरियाणा सरकार ने परिवार पहचान पत्र के नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए किसानों को राहत प्रदान की है। अब 'मेरी फसल मेरा ब्योरा' पोर्टल पर दर्ज फसल बिक्री के पूरे मूल्य को परिवार की वार्षिक आय में शामिल नहीं किया जाएगा। इसके स्थान पर केवल पांच लाख रुपये तक की ई-खरीद (ई-प्रोक्योरमेंट) को ही आय निर्धारण का आधार बनाया जाएगा। सरकार के इस फैसले से प्रदेश के लाखों छोटे और मध्यम किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
अब तक कई किसानों की फसल बिक्री का पूरा मूल्य उनकी वार्षिक आय में जोड़ दिया जाता था, जबकि फसल बिक्री की राशि किसान की वास्तविक आय नहीं होती, क्योंकि इसमें बीज, खाद, सिंचाई, मजदूरी, मशीनरी और अन्य कृषि लागत भी शामिल रहती है। इससे अनेक किसानों की आय वास्तविक स्थिति से कहीं अधिक दर्ज हो जाती थी। इसे लेकर लंबे समय से प्रदेश के किसान तथा कई संगठन सरकार से नियमों में बदलाव की मांग कर रहे थे।
इस तकनीकी व्यवस्था के कारण कई पात्र किसान परिवार सरकारी कल्याणकारी योजनाओं, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, आर्थिक सहायता और अन्य लाभकारी योजनाओं से वंचित रह जाते थे। सरकार ने अब आय निर्धारण की प्रक्रिया में यह महत्वपूर्ण बदलाव किया है। संशोधित व्यवस्था से फैमिली आईडी में दर्ज आय वास्तविक आर्थिक स्थिति के अधिक अनुरूप होगी, जिससे पात्र परिवारों की सही पहचान संभव हो सकेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा