पानीपत में ग्रिल में उतरे करंट से चालक की मौत, एलएंडटी और टोल प्रबंधन पर केस दर्ज

 




पानीपत, 29 जून (हि.स.)। पानीपत में जीटी रोड स्थित पीवीआर मॉल के सामने एलएंडटी कंपनी के टोल प्लाजा क्षेत्र में लोहे की ग्रिल में उतरे करंट की चपेट में आने से एक चालक की मौत हो गई।

पुलिस के अनुसार, मृतक के परिजनों ने टोल प्रबंधन की लापरवाही का आरोप लगाया है। पुलिस ने मृतक के भाई की शिकायत पर एलएंडटी कंपनी, टोल प्रोजेक्ट मैनेजर और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

रोहतक जिले के गांव पाक्समा निवासी वीरेंद्र ने थाना तहसील कैंप पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि उनका 30 वर्षीय भाई प्रदीप पेशे से ड्राइवर था। बीती रात को प्रदीप हिमाचल प्रदेश से गाड़ी में गैस सिलेंडर लोड करके रोहतक के लिए वापस आ रहा था। रविवार को दोपहर के समय जब वह पानीपत में पीवीआर के सामने पहुंचा, तो अचानक उसकी गाड़ी में कोई तकनीकी खराबी आ गई, जिसके कारण उसने गाड़ी को रोक दिया। शिकायत के अनुसार, गाड़ी में आई खराबी को ठीक करने या किसी से सहायता लेने के उद्देश्य से प्रदीप गाड़ी से नीचे उतरा। उसने सड़क किनारे से गुजर रहे किसी व्यक्ति को मदद के लिए आवाज लगानी चाही और सहारा लेने के लिए वहां डिवाइडर पर लगी लोहे की ग्रिल पर अपना हाथ रख दिया।

लोहे की ग्रिल में एलएंडटी कंपनी की लापरवाही के चलते बिजली की तारों से करंट आ रहा था। जैसे ही प्रदीप का हाथ ग्रिल से छुआ, उसे करंट का जोरदार झटका लगा और वह ग्रिल से चिपक गया। करंट इतना भीषण था कि प्रदीप को संभलने का मौका तक नहीं मिला और उसने मौके पर ही तड़प-तड़पकर दम तोड़ दिया। हादसे के बाद मौके पर हड़कंप मच गया और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। मृतक के भाई विरेंद्र ने पुलिस को दी शिकायत में सीधे तौर पर हाईवे का रखरखाव करने वाली कंपनी एलएंडटी व टोल प्रोजेक्ट मैनेजर और उसके मातहत कर्मचारियों को मृतक की मौत का जिम्मेदार ठहराया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि कंपनी के अधिकारियों की लापरवाही के कारण खुले तारों की वजह से ग्रिल में करंट उतरा, जिससे एक हंसता-खेलता परिवार उजड़ गया। पुलिस ने एलएंडटी कंपनी और टोल प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही सोमवार को मृतक का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल वर्मा