पंचकूला निगम घोटाले की आरोपित स्वाति को 14 दिन की न्यायिक हिरासत

 

चंडीगढ़, 07 अप्रैल (हि.स.)। पंचकूला नगर निगम से जुड़े घोटाले की आरोपित स्वाति तोमर को मंगलवार को पंचकूला की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

घोटाले की जांच एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) द्वारा की जा रही है। इस मामले की आरोपित स्वाति तोमर ने बीती रात एसीबी मुख्यालय सेक्टर 23 में अपने वकील के साथ पहुंचकर आत्मसमर्पण किया था। स्वाति के वकील नीरज ने मंगलवार को बताया कि उनके क्लाइंट को विश्वास में लेकर और सब ठेकेदार बनाकर ब्लैंक चेक लिए गए। उनके खाते में 30 से 35 करोड़ रुपये आए थे। उन्होंने कहा कि इस मामले में जो आरोपित गिरफ्तार किए गए हैं उनके द्वारा ही उनके खाते में पैसे भेजे और ट्रांसफर किए गए थे। यह पैसा करीब बीस से 30 मिनट ही उनके खाते में रूका था। जैसे ही पैसा आया उसके बाद दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दिया गया और किस-किस को ट्रांसफर किया गया यह भी जांच का विषय है।

उन्होंने कहा कि इन्हें यह दिखाया गया था कि सभी पैसा वाइट और अकाउंट में आएगा। उन्होंने कहा कि स्वाति तोमर शिक्षक रही हैं। वकील ने दावा किया कि स्वाति कभी भूमिगत नहीं हुईं। खुद पूछताछ में शामिल होने के लिए आत्मसमर्पण किया है।

मंगलवार को स्वाति के वकील नीरज ने अदालत को बताया कि स्वाति के पास न तो बैंक की किट थी न ही बैंक में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर था। एसीबी की पूछताछ में भी कुछ रिकवर नहीं हुआ। स्वाति के अकाउंट से आगे प्राइवेट बिल्डर्स खाते में पैसा गया है। एसीबी के पास इस सब की डिटेल व बैंक स्टेटमेंट मौजूद है। पांच अकाउंट को डमी अकाउंट के तौर पर इस्तेमाल किया गया, जहां निगम के अकाउंट से पैसा आया और फिर उसे बिल्डर्स व अन्य अकाउंट में ट्रांसफर किया गया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा