पंचायत भूमि में रास्ते के होंगे नये नियम
-निजी प्रोजेक्ट्स के लिए आसान मंजूरी
चंडीगढ़, 23 मार्च (हि.स.)। हरियाणा सरकार ने ग्राम पंचायत की सामूहिक भूमि (शामलात देह) पर निजी परियोजनाओं के लिए रास्ता या पैसेज बनाने के नए नियम लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। अब कोई भी निजी प्रोजेक्ट ग्राम पंचायत की जमीन के जरिए रास्ता लेना चाहे, तो उसके लिए पहले ग्राम पंचायत और ग्राम सभा की मंजूरी लेना अनिवार्य होगा।प्रस्तावित नई नीति के मुताबिक, ग्राम पंचायत के सभी सदस्यों में से कम से कम तीन-चौथाई (3/4) सदस्यों का समर्थन होना चाहिए। उसके बाद गांव की आम बैठक यानी ग्राम सभा में उपस्थित लोगों में से दो-तिहाई (2/3) लोगों का हां होना जरूरी है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि रास्ता बनाने का फैसला सिर्फ कुछ लोगों के स्वार्थ के लिए न हो, बल्कि पूरी पंचायत और गांव की सहमति से लिया जाए।
सरकार यह भी प्रस्तावित कर रही है कि रास्ता बनाने के लिए जमीन बेची या लीज़ पर दी नहीं जाएगी। नया रास्ता पंचायत के स्वामित्व में रहेगा और सभी गांववासियों के लिए सामान्य उपयोग के लिए उपलब्ध रहेगा। निजी प्रोजेक्ट के लिए रास्ता बनाते समय पंचायत की भूमि का लाभ निजी लाभ के लिए नहीं लिया जाएगा।
पानीपत की ग्राम पंचायत मच्छरौली ने शामलात देह की 9 कनाल 3 मरला भूमि को एमएस कपूर इंडस्ट्रिज लिमिटेड की 15 कनाल जमीन के साथ बदलने का प्रस्ताव पास किया है। यह निर्णय इसलिए लिया गया क्योंकि मौजूदा कुछ रास्ते और खाल अब उपयोग में नहीं हैं, और नए रास्ते की सुविधा प्रदान करने के लिए यह आदान-प्रदान आवश्यक है। मंगलवार को कैबिनेट मीटिंग में पंचायत के इस प्रस्ताव पर मुहर लग सकती है। पंचायत भूमि का बाजार मूल्य 4.57 करोड़ जबकि निजी भूमि का मूल्य 4.59 करोड़ आंका गया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा