जींद : इनेलो कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन, सीटीएम को सौंपा ज्ञापन
जींद, 24 जुलाई (हि.स.)। इनेलो कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को दिल्ली जंतर-मंतर पर धरना दे रहे छात्रों पर लाठी चार्ज व छात्राओं के साथ दुव्र्यवहार के विरोध में प्रदर्शन किया और लघु सचिवालय पहुंच कर मांगों को लेकर ज्ञापन सीटीएम को सौंपा। कार्यक्रम की अध्यक्षता युवा जिला अध्यक्ष राजेश बूरा एवं आइसो जिला अध्यक्ष सौरभ गुरुसर द्वारा संयुक्त रूप से की गई।
प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए इनेलो जिलाध्यक्ष बिजेंद्र रेढू ने कहा कि आज देश की सरकार का ऐसा रवैया देखने को मिल रहा है, जैसे यह सरकार देश की न होकर के केवल मात्र भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। 20 जून से जंतर-मंतर पर विद्यार्थियों द्वारा किए जा रहे धरना और प्रदर्शन में विद्यार्थियों की आवाज सुनने की बजाय उनको बर्बरता पूर्वक डंडों से पिटवाने का काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। फिर इसमें संविधान द्वारा दी गई शक्तियों का प्रयोग करने के बजाय छात्रों को लाठी व डंडे क्यों मिलते हैं।
छात्रों की केवल मात्र एक ही मांग थी कि बार-बार परीक्षा के पेपर लीक हो रहे हैं, जिसकी तैयारी के लिए बच्चे दिन-रात मेहनत करते हैं। बहुत पैसा खराब करते हैं। शारीरिक, मानसिक और धन सभी लगा करके बच्चे पेपर देते हैं और फिर जब पेपर रद्द हो जाता है, तो उन परिवारों को और उन बच्चों को बहुत बड़ी मानसिक पीड़ा होती है। इसलिए मांग की जा रही है कि भारत के शिक्षा मंत्री जो शिक्षा के तंत्र को चलाने में पूर्ण रूप से फेल हो चुके हैं, उनका इस्तीफा लिया जाए। उन्होंने कहा कि इसी मांग को लेकर के बच्चों ने अपना प्रदर्शन प्रारंभ किया था और एक महीने तक बैठा रहने के बाद जब गूंगी व बहरी सरकार ने उनकी आवाज नहीं सुनी तो उन्होंने जंतर-मंतर से संसद भवन तक शांतिपूर्वक तरीके से पैदल मार्च निकालना प्रारंभ किया। इनेलो इसकी घोर निंदा करती है और राष्ट्रपति से अपील करते हैं कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा, नीट पेपर लीक दोषियों को सजा, बार-बार पेपर लीक और भ्रष्टाचार पर रोक, लाठी चार्ज की निष्पक्ष जांच, रोजगार गारंटी, भर्ती परीक्षा शुल्क और आयु सीमा में छूट, मुफ्त इलाज, पेपर लीक से हतोत्साहित आत्महत्या करने वाले युवाओं के परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा