हिसार : गुरु जम्भेश्वर विश्वविद्यालय में पांच दिवसीय हैंड्स-ऑन वर्कशॉप के उद्घाटन सत्र का आयोजन

 


हिसार, 23 फरवरी (हि.स.)। गुरु जम्भेश्वर विज्ञान

एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के आर्टिफिशियल

इंटेलिजेंस एवं डेटा साइंस विभाग की ओर से पांच दिवसीय हैंड्स-ऑन वर्कशॉप ऑन लिनक्स,

वर्चुअलाइजेशन एवं क्लाउड कंप्यूटिंग (एडब्ल्यूएस, माइक्रोसॉफ्ट एज्योर, गूगल क्लाउड)

के उद्घाटन सत्र का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला 27 फरवरी तक चलेगी। कार्यशाला का

उद्देश्य विद्यार्थियों, शोधार्थियों एवं शिक्षकों को आधुनिक कंप्यूटिंग तकनीकों में

व्यावहारिक दक्षता प्रदान करना है।

कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में उपस्थित

डीन, फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी प्रो. संदीप आर्य ने साेमवार काे अपने संबोधन में लिनक्स,

वर्चुअलाइजेशन एवं क्लाउड कंप्यूटिंग के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ये

तकनीक वर्तमान समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सुरक्षा और

उद्योग-आधारित अनुसंधान की रीढ़ हैं। उन्होंने विभाग को इस प्रकार की कौशल-आधारित एवं

उद्योग-उन्मुख पहल के लिए बधाई दी। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह पांच दिवसीय कार्यशाला

विद्यार्थियों के तकनीकी कौशल को सुदृढ़ करने के साथ-साथ उनके शैक्षणिक एवं व्यावसायिक

भविष्य को नई दिशा प्रदान करेगी।

उद्घाटन सत्र के दौरान कार्यशाला का मुख्य व्याख्यान

डॉ. प्रवेश कुमार बिश्नोई ने दिया। इसमें लिनक्स प्रशासन, वर्चुअलाइजेशन की मूल अवधारणाओं

तथा एडब्ल्यूएस, माइक्रोसॉफ्ट एज्योर व गूगल क्लाउड प्लेटफॉर्म्स पर आगामी दिनों में

होने वाले हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण की रूपरेखा प्रस्तुत की गई।

विभागाध्यक्ष प्रो. धर्मेंद्र कुमार ने अपने

स्वागत संबोधन में बताया कि वर्ष 2023 में स्वतंत्र विभाग बनने के बाद से विभाग ने

उल्लेखनीय प्रगति की है। वर्तमान में विभाग में तीन स्नातक कार्यक्रम बीटेक आर्टिफिशियल

इंटेलिजेंस एंड डेटा साइंस, बीएससी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डेटा साइंस तथा बीएससी

साइबर सिक्योरिटी सफलतापूर्वक संचालित किए जा रहे हैं। साथ ही एमएससी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस

एंड डेटा साइंस व पीएचडी कार्यक्रम भी विभाग की अकादमिक मजबूती को दर्शाते हैं। उन्होंने

बताया कि विभाग में 700 से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं तथा 50 से अधिक हाई-कॉन्फिगरेशन

जीपीयू-आधारित वर्कस्टेशन्स उपलब्ध हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा एनालिटिक्स

में कार्य हेतु हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग की आवश्यकता होती है और लिनक्स, वर्चुअलाइजेशन

एवं क्लाउड कंप्यूटिंग का ज्ञान इन संसाधनों के अधिक प्रभावी, सुरक्षित एवं कुशल उपयोग

को संभव बनाता है। डॉ. सुनील कुमार ने कार्यशाला के उद्देश्य, संरचना एवं अपेक्षित

परिणामों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह प्रशिक्षण प्रतिभागियों को वास्तविक-दुनिया

की समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक व्यावहारिक अनुभव प्रदान करेगा। डॉ. अमनदीप कुमार

ने धन्यवाद किया जबकि ज्योत्सना एवं कीर्ति ने मंच संचालन किया।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर