हिसार : पेट्रोल पंप बंद करेंगे कैशलेस सुविधा, दो हजार से ऊपर यूपीआई भुगतान पर शुल्क का विरोध

 


पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन

ने वित्त मंत्री को भेजा पत्र

राहत नहीं मिली तो सिर्फ

कैश में तेल देने की चेतावनी, हिसार में 146 पेट्रोल पंप

हिसार, 18 सितंबर (हि.स.)।

पेट्रोल पंपों पर दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई लेन-देन पर प्रस्तावित पांच रुपये

के मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) को लेकर हरियाणा के पेट्रोल पंप डीलरों ने विरोध

शुरू कर दिया है। ऑल हरियाणा पेट्रोलियम डीलर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने केंद्रीय वित्त

मंत्री निर्मला सीतारमण और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पूरी को पत्र भेजकर पेट्रोल

पंपों को इस शुल्क से पूरी तरह छूट देने की मांग की है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है

कि राहत नहीं मिली तो प्रदेशभर के पेट्रोल पंपों पर दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई

भुगतान लेना बंद कर कैश भुगतान की व्यवस्था अपनाई जा सकती है।

नए यूपीआई शुल्क की

व्यवस्था 15 अक्टूबर से लागू होने की जानकारी सामने आई है। सामान्य तौर पर दो हजार

रुपये से अधिक के कुछ व्यापारी यूपीआई लेन-देन पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर प्रस्तावित है,

जबकि ईंधन क्षेत्र के लिए दो हजार रुपये से अधिक के लेन-देन पर पांच रुपये का फ्लैट

शुल्क रखा गया है। यह शुल्क ग्राहक के बजाय मर्चेंट से लिया जाना है।

ऑल हरियाणा पेट्रोलियम

डीलर्स वेलफेयर एसोसिएशन के जिला प्रधान राजकुमार सलेमगढ़ ने शुक्रवार काे कहा कि पेट्रोल पंपों

का कारोबार बेहद कम मार्जिन पर चलता है। उनके अनुसार डीलर को प्रति लीटर डीजल पर करीब

दो रुपये और पेट्रोल पर करीब तीन रुपये का मार्जिन मिलता है। ऐसे में 2100 रुपये का

पेट्रोल यूपीआई से खरीदने पर पांच रुपये की कटौती डीलर के मार्जिन पर सीधा असर डालेगी।

उनका कहना है कि बड़े वाहनों और फुल टैंक भरवाने वाले ग्राहकों में दो हजार रुपये से

अधिक के डिजिटल भुगतान की संख्या काफी है, इसलिए इसका असर छोटे और ग्रामीण पेट्रोल

पंपों पर अधिक पड़ सकता है।

एसोसिएशन के अनुसार

हरियाणा में करीब 4469 पेट्रोल पंप संचालित हैं, जिनमें लगभग 2547 स्वतंत्र डीलरशिप

पर चल रहे हैं। गुरुग्राम में 232, फरीदाबाद में 166 और हिसार में 146 पेट्रोल पंप

बताए गए हैं। डीलर्स का दावा है कि प्रदेश में प्रतिदिन करीब 1.2 से 1.5 करोड़ लीटर

डीजल तथा 50 से 65 लाख लीटर पेट्रोल की बिक्री होती है। कुल ईंधन कारोबार में डिजिटल

भुगतान की हिस्सेदारी भी काफी अधिक है।

राजकुमार सलेमगढ़ ने

कहा कि पेट्रोल पंप संचालक डिजिटल भुगतान के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन निर्धारित और सीमित

मार्जिन के कारण एमडीआर का अतिरिक्त बोझ उठाना उनके लिए मुश्किल है। एसोसिएशन ने पेट्रोल

पंपों को दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई लेन-देन पर एमडीआर से पूरी तरह मुक्त रखने,

ईंधन क्षेत्र में जीरो-एमडीआर व्यवस्था बनाए रखने तथा कम बिक्री वाले ग्रामीण और छोटे

पेट्रोल पंपों को विशेष राहत देने की मांग की है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर