जींद में 544 परीक्षार्थियों ने नहीं दी एचटेट की परीक्षा
जींद, 04 जुलाई (हि.स.)। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा करवाई गई अध्यापक पात्रता लेवल 3 (पोस्ट ग्रेजुएट टीचर) पीजीटी की परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई। शनिवार को परीक्षा को लेकर 14 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। जिनमें 4270 परीक्षार्थियों को परीक्षा देनी थी। 14 परीक्षा केंद्रों पर 4270 परीक्षार्थियों में से 3726 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। जबकि 544 परीक्षार्थियों ने परीक्षा से अनुपस्थित रहे।
परीक्षा को नकल रहित संपन्न करवाने के लिए डीसी, एसपी, एसडीएम व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के नेतृत्व में उडऩ दस्ते लगातार परीक्षा केंद्रों का जायजा लेते रहे। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर बाहरी तथा अंदरूनी हालातों, डयूटीरत कर्मचारियों पर खूफिया विंग के सदस्य लगातार नजर रखी गई। सेंटरों के बाहर बाहर खड़ी गाडिय़ों की जांच की गई।
परीक्षा को नकल रहित संपन्न करवाने के लिए बोर्ड द्वारा सभी कमरों में जैमर लगाए गए थे। परीक्षा केंद्रों में जाने से पहले परीक्षार्थियों की गहनता से जांच की गई। इसके बाद आई स्कैन भी की गई। रोल नंबर को जांचा गया। एचटेट लेवल तीन की परीक्षा दोपहर बाद शुरु हुई, जबकि परीक्षार्थी एक बजे ही परीक्षा केंद्रों के बाहर जुटने शुरू हो गए थे। परीक्षा केंद्र के अंदर जाने से पहले ही परीक्षार्थियों की गहनता से जांच की गई। कोई अवांछित सामग्री अंदर न पहुंचे इसके लिए महिला परीक्षार्थियों को भी जांचने का काम किया गया।
एचटेट परीक्षा के लिए बस स्टैंड परिसर से स्पेशल रोडवेज बसों का संचालन किया गया। बूथ नंबर एक के पास बसों को खड़ा किया गया था। एसपी कुलदीप सिंह ने बताया कि हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं नकल रहित तरीके से संपन्न करवाने को लेकर पुख्ता प्रबंध किए गए थे। उन्होंने स्वयं कई परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। कोई भी परीक्षार्थी परीक्षा केंद्रों में बिना चैकिंग किए प्रवेश नहीं कर पाया है।
डीसी डा. वैशाली शर्मा ने कहा कि परीक्षा की पवित्रता एवं विश्वसनीयता बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अभ्यर्थियों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि वे परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय से पहले पहुंचें ताकि बायोमीट्रिक सत्यापन एवं अन्य आवश्यक औपचारिकताएं समय रहते पूरी की जा सकें।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा