पोषण जागरूकता कार्यक्रम में स्वस्थ जीवनशैली पर जोर, बाल विवाह उन्मूलन का संकल्प

 


यमुनानगर, 18 अप्रैल (हि.स.)। पोषण पखवाड़ा 2026 के अंतर्गत खंड छछरौली स्थित राजकीय महाविद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों को संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व से अवगत कराया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग की परियोजना अधिकारी कुसुम लता ने बताया कि जिला कार्यक्रम अधिकारी मिक्षा रंगा के मार्गदर्शन में जिलेभर में पोषण से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।

इस दौरान छात्रों को बताया गया कि संतुलित आहार के लिए महंगे खाद्य पदार्थ आवश्यक नहीं हैं, बल्कि घर पर उपलब्ध फल, सब्जियां, दालें और नियमित व्यायाम से बेहतर स्वास्थ्य प्राप्त किया जा सकता है। कार्यक्रम में यह भी रेखांकित किया गया कि जीवन के प्रारंभिक छह वर्ष बच्चों के समग्र विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, मस्तिष्क का अधिकांश विकास इसी अवधि में होता है, इसलिए शुरुआती 1000 दिनों में उचित पोषण, देखभाल और प्रारंभिक शिक्षा बेहद जरूरी है। इसके तहत पोषण पंचायत, जागरूकता सत्र, खेल आधारित गतिविधियां और स्वस्थ आदतों को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया गया। इसके साथ ही दहेज प्रथा और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों पर भी चर्चा की गई। संबंधित कानूनों की जानकारी देते हुए इनके दुष्प्रभावों से अवगत कराया गया। उपस्थित विद्यार्थियों और स्टाफ ने बाल विवाह मुक्त समाज के निर्माण के लिए सामूहिक रूप से शपथ ली।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुशील कुमार