कैथल: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के विरोध में नर्सिंग स्टाफ ने खोला मोर्चा
कैथल, 05 अक्टूबर (हि.स.)। स्वास्थ्य विभाग में लागू की जा रही मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के विरोध में कैथल का नर्सिंग स्टाफ लामबंद हो गया है। नर्सिंग ऑफिसर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने सरकार से नर्सिंग कैडर को इस पॉलिसी के दायरे से बाहर रखने की मांग की है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि मांग नहीं मानी गई तो नर्सिंग स्टाफ आंदोलन को और तेज करेगा।एसोसिएशन की ओर से मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव, महानिदेशक स्वास्थ्य सेवाएं हरियाणा सहित जिले के सभी एसएमओ और मेडिकल ऑफिसरों को पत्र भेजकर अपनी मांग से अवगत कराया गया है। नर्सिंग ऑफिसरों सुमन, जगदीश, पिंकी, ललित, संजीव, मुकेश और बलविंद्र ने कहा कि नर्सिंग स्टाफ की कार्यप्रणाली अन्य विभागों के कर्मचारियों से अलग है। अस्पतालों में मरीजों की लगातार देखभाल के लिए नर्सिंग ऑफिसरों को मॉर्निंग, इवनिंग और नाइट तीनों शिफ्टों में ड्यूटी करनी पड़ती है। ऐसे में मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के तहत यदि उनका तबादला दूर-दराज के क्षेत्रों में किया जाता है तो उन्हें कई व्यावहारिक दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।नर्सिंग स्टाफ ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग में बड़ी संख्या में महिला नर्सिंग अधिकारी कार्यरत हैं। उनके ऊपर परिवार, बच्चों और घर की जिम्मेदारियां भी होती हैं। दूर-दराज के स्थानों पर तबादला होने की स्थिति में उन्हें परिवार से अलग रहना पड़ सकता है। इसके अलावा नाइट शिफ्ट के दौरान दूर के स्थानों पर आवागमन और सुरक्षा भी गंभीर चिंता का विषय बन सकता है।एसोसिएशन ने कहा कि नर्सिंग स्टाफ पहले से ही कार्य के दबाव में सेवाएं दे रहा है। ऐसे में ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी लागू होने से कर्मचारियों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं। एसोसिएशन ने अपने पत्र में दावा किया है कि देश के अन्य राज्यों में नर्सिंग कैडर के लिए इस तरह की ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी लागू नहीं है। इसी आधार पर हरियाणा में भी नर्सिंग कैडर को इस नीति से बाहर रखने की मांग की गई है।एसोसिएशन ने कहा है कि यदि उनकी मांगों पर सरकार की ओर से सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 6 और 7 अक्टूबर को हड़ताल की जाएगी। इसके बाद भी मांगों का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक स्तर पर ले जाने की चेतावनी दी गई है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / पंकज अत्रे