हिसार : आयुष्मान के कथित फर्जी क्लेम मामले में विधाता नर्सिंग होम संचालक गिरफ्तार

 


छह माह से गिरफ्तारी से बच रहा था डॉ. बिजेंद्र

टाक

जिला अदालत के बाद हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट

से भी नहीं मिली अग्रिम जमानत

हिसार, 5 अक्टूबर (हि.स.)। आयुष्मान भारत योजना

के तहत कथित फर्जी क्लेम और जाली दस्तावेज तैयार करने के मामले में उकलाना स्थित विधाता

नर्सिंग होम के संचालक डॉ. बिजेंद्र टाक को पुलिस ने साेमवार काे गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लगभग

छह माह से गिरफ्तारी से बच रहा था। गिरफ्तारी से पहले उसने जिला एवं सत्र अदालत, पंजाब

एवं हरियाणा हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए प्रयास किया, लेकिन

किसी भी अदालत से उसे राहत नहीं मिली। हाईकोर्ट ने मामले की जांच के लिए आरोपी से हिरासत

में पूछताछ को जरूरी माना था।

यह मामला 22 मार्च 2026 का है। सीएम फ्लाइंग हिसार

रेंज की इंचार्ज सुनैना के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने विधाता नर्सिंग

होम पर छापेमारी की थी। जांच के दौरान आयुष्मान भारत पोर्टल पर कुछ मरीजों को अस्पताल

में भर्ती दिखाया गया, जबकि जांच के समय उनके अस्पताल में मौजूद नहीं होने की बात सामने

आई थी। टीम ने अस्पताल के रिकॉर्ड और आयुष्मान पोर्टल पर दर्ज विवरण की जांच की थी। जांच में गांव बिठमड़ा निवासी संदीप के बच्चे से

संबंधित रिकॉर्ड भी सामने आया। रिकॉर्ड में डिस्चार्ज की तारीख समेत अन्य विवरणों में

कटिंग पाए जाने की बात कही गई। बच्चे के पिता संदीप ने टीम को दिए बयान में बताया था

कि उनका बच्चा दोबारा अस्पताल में भर्ती नहीं हुआ था, जबकि आयुष्मान पोर्टल पर उसे

भर्ती दर्शाकर करीब 48 हजार रुपये का क्लेम किया गया। जांच के दौरान रिकॉर्ड में कथित फर्जी हस्ताक्षर

और अन्य दस्तावेज मिलने की बात भी सामने आई। जिस चिकित्सक के नाम पर बच्चे का इलाज

दर्शाया गया था, उन्होंने अस्पताल आने और संबंधित रिकॉर्ड पर हस्ताक्षर करने से इनकार

किया था। सीएम फ्लाइंग की शिकायत के आधार पर पुलिस ने डॉ. बिजेंद्र टाक के खिलाफ केस दर्ज किया था।

हाईकोर्ट ने कहा- हिरासत में पूछताछ जरूरी

गिरफ्तारी से बचने के लिए डॉ. बिजेंद्र टाक ने

पहले जिला एवं सत्र अदालत में अग्रिम जमानत याचिका लगाई, जिसे खारिज कर दिया गया। इसके

बाद उन्होंने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया। जुलाई 2026 में हाईकोर्ट ने

भी अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया। हाईकोर्ट के आदेश में प्रथम दृष्टया उपलब्ध

रिकॉर्ड के आधार पर ऐसे मरीजों के कथित फर्जी बिल तैयार किए जाने का उल्लेख किया गया,

जो संबंधित अवधि में अस्पताल में भर्ती नहीं थे। हिसार पुलिस ने कार्रवाई करते हुए डॉ. बिजेंद्र

टाक को गिरफ्तार कर लिया। गांव बिठमड़ा निवासी संदीप ने आरोपी डॉक्टर की

गिरफ्तारी पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि उनके बच्चे के नाम पर आयुष्मान भारत योजना

में कथित रूप से फर्जी क्लेम किए जाने के बाद उन्होंने आर्थिक परेशानियों के बावजूद

न्याय के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश्वर