बिजली वितरण का निजीकरण हरियाणा के लिए खतरनाक प्रयोग: आफताब अहमद

 


नूंह, 20 अक्टूबर (हि.स.)। नूंह विधायक एवं हरियाणा विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के उपनेता आफताब अहमद ने हरियाणा बिजली नियामक आयोग द्वारा गुरुग्राम और नूंह जिलों में बिजली वितरण के लिए इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को समानांतर वितरण लाइसेंस देने के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने इस निर्णय को हरियाणा के इतिहास का काला दिन करार देते हुए कहा कि भाजपा सरकार विजयदशमी के अवसर पर प्रदेश की जनता को निजीकरण की सौगात दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह फैसला बिजली व्यवस्था में एक खतरनाक प्रयोग की शुरुआत है, जिसका खामियाजा आम जनता, किसानों और बिजली विभाग को भुगतना पड़ सकता है।

विधायक आफताब अहमद ने बताया कि उन्होंने इस मामले में हरियाणा बिजली नियामक आयोग के चेयरमैन को पत्र लिखकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराई थीं। पत्र में उन्होंने इस फैसले से प्रदेश, बिजली विभाग और आम जनता को होने वाले संभावित नुकसान की ओर ध्यान आकर्षित किया था। उन्होंने कहा कि हरियाणा बिजली नियामक आयोग ने गुरुग्राम और नूंह जिलों में बिजली वितरण के लिए इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को 25 वर्ष का समानांतर वितरण लाइसेंस जारी किया है। कंपनी की योजना वित्त वर्ष 2027-28 से चरणबद्ध तरीके से गुरुग्राम सिटी, गुरुग्राम के उपनगरीय क्षेत्रों, मानेसर, सोहना और नूंह में बिजली आपूर्ति शुरू करने की है। इस फैसले के बाद बिजली कर्मचारी संगठनों और यूनियनों ने भी निजीकरण का विरोध शुरू कर दिया है।

आफताब अहमद ने कहा कि बिजली किसान, गरीब, दुकानदार और आम नागरिक से जुड़ी एक बुनियादी सार्वजनिक सेवा है। इस व्यवस्था पर सरकार का नियंत्रण और जनहित सर्वोपरि रहना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा सरकार और बिजली नियामक आयोग ने मिलकर ऐसा फैसला लिया है, जिससे निजी कंपनियों को फायदा पहुंचने की आशंका है। उन्होंने कहा कि जनता के पैसे से तैयार किए गए बिजली नेटवर्क और बुनियादी ढांचे का इस्तेमाल निजी कंपनियों को उपलब्ध कराना भी जनहित से जुड़ा गंभीर सवाल है।

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हिन्दुस्थान समाचार / अनिल मोहानिया