सरकार की मंजूरी के बिना शहरों में नहीं होगी जमीन की अदला-बदली
नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग ने जारी की सूचना
चंडीगढ़, 19 जून (हि.स.)। हरियाणा के शहरों और पालिका के साथ लगते क्षेत्रों में जमीन की अदला-बदली के लिए अनिवार्य रूप से सरकार से मंजूरी लेनी पड़ेगी। नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग ने हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास तथा विनियमन (संशोधन) विधेयक 2026 को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है।
बजट सत्र में विधानसभा में विधेयक के पारित होने के बावजूद अभी तक राज्यपाल की सहमति नहीं मिलने के कारण अधिसूचना जारी नहीं हो पाई है। जिस कारण वित्तायुक्त राजस्व और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से इस संबंध में नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग की ओर से स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा गया था। हरियाणा नगरीय क्षेत्र विकास तथा विनियमन (संशोधन) अधिनियम के तहत शहरों से लगते अधिसूचित क्षेत्रों में अवैध कालोनियों पर अंकुश लगाने और सस्ती जमीन देकर महंगी जमीन लेने का फर्जीवाड़ा खत्म करने के लिए धारा 7-ए में संशोधन किया गया है। इसके अनुसार एक एकड़ से कम भूमि को बदलने के लिए भी नगर एवं ग्राम नियोजन निदेशक या सक्षम प्राधिकारी से अनुमति लेनी होगी।
जमीन की रजिस्ट्रियों के दौरान पंजीकरण अधिकारियों ने पाया कि कई जगह छोटे भूखंडों की अदला-बदली करके अधिसूूचित शहरी क्षेत्रों में स्थित कहीं बड़े या अधिक मूल्यवान भूखंड लिए जा रहे थे। हालांकि ऐसे लेन-देन कानूनी रूप से एक्सचेंज कहलाते हैं, परंतु वास्तव में ये अप्रत्यक्ष विक्रय लेन-देन होते हैं, जिसमें अधिनियम की धारा-7क के विनियामक प्रविधानों को दरकिनार किया जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / संजीव शर्मा