नारनाैल: साइबर ठगी की रकम सीएससी सेंटर संचालकों को भेजने वाले दो गिरफ्तार

 


नारनाैल, 13 अक्टूबर (हि.स.)। साइबर क्राइम टीम ने कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) संचालकों के बैंक खातों में साइबर ठगी की रकम भेजकर नकदी लेने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान राजस्थान के झुंझुनू निवासी विनय यादव और गितेश के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।

पुलिस प्रवक्ता ने मंगलवार को बताया कि आरोपी सीएससी संचालकों के बैंक खातों में साइबर ठगी से प्राप्त रकम भेजते थे और इसके बदले में उनसे नकदी ले लेते थे। बैंक खाते फ्रीज होने पर संचालकों को संदिग्ध लेनदेन का पता चला। बेवल और भोजावास के तीन सीएससी संचालकों ने कुल तीन लाख 97 हजार 650 रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत दी थी।

शिकायत के अनुसार, संजय का बैंक खाता फ्रीज होने पर मामले का खुलासा हुआ। इसके अलावा कृष्ण सिंह से 31 हजार रुपये और बबली से एक लाख तीन हजार 720 रुपये की ठगी हुई थी। पुलिस ने शिकायतों के आधार पर जांच शुरू की।

जांच के दौरान साइबर क्राइम टीम ने तीनों सीएससी केंद्रों के बैंक खातों का रिकॉर्ड जुटाया। संबंधित मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल और ग्राहक विवरण की भी पड़ताल की गई। समन्वय पोर्टल पर जांच करने पर इन खातों से संबंधित कुल नौ साइबर शिकायतें दर्ज मिलीं।

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर पहले विनय यादव को गिरफ्तार किया। उससे पूछताछ और आगे की जांच में गितेश की संलिप्तता सामने आने पर उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। इसका उद्देश्य ठगी की रकम के लेनदेन और अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका का पता लगाना है। मामले में आगे की जांच जारी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला