नारनौल के रेलवे स्टेशनों पर संयुक्त सर्च ऑपरेशन
-पाकिस्तान से जुड़े जासूसी कैमरे की सूचना के बाद सघन तलाशी, संदिग्ध वस्तु नहीं मिली
नारनाैल, 22 मार्च (हि.स.)। हरियाणा के नारलाैल जिले के प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा की दृष्टि से रविवार को सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ा संयुक्त सर्च ऑपरेशन चलाया। रेवाड़ी बीडीडीएस, सीआईडी, जीआरपी, आरपीएफ और हरियाणा गुप्तचर विभाग की संयुक्त टीम ने अटेली, नारनौल और निजामपुर रेलवे स्टेशनों का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान आधुनिक उपकरणों की मदद से स्टेशन परिसर, यात्री प्लेटफॉर्म, बिजली के पोल और रेलवे ट्रैक के आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों की बारीकी से तलाशी ली गई।
बीडीडीएस सीआईडी रेवाड़ी के इंचार्ज एसआई कुलदीप सिंह ने बताया कि यह औचक निरीक्षण बीते बुधवार को सोनीपत रेलवे स्टेशन के बाहर मिले एक हाई-टेक कैमरे के मद्देनजर किया गया है। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ था कि वह कैमरा गाजियाबाद से संचालित एक जासूसी गिरोह से जुड़ा था। चौंकाने वाली बात यह है कि वह कैमरा सोलर पैनल से चल रहा था और उसका एक्सेस सीमा पार पाकिस्तान में बैठे हैंडलर्स के पास होने की आशंका जताई गई है, जो भारतीय रेलवे और सैन्य गतिविधियों की जासूसी कर रहे थे।
गहन जांच के बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली, क्योंकि नारनौल, अटेली और निजामपुर स्टेशनों पर कोई भी संदिग्ध कैमरा या उपकरण बरामद नहीं हुआ। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं हैं। सुरक्षा बलों ने रेलवे स्टाफ और स्थानीय लोगों को भी किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति की सूचना तुरंत पुलिस को देने के निर्देश दिए हैं। इस संयुक्त ऑपरेशन में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए बीडीडीएस सीआईडी रेवाड़ी के इंचार्ज एसआई कुलदीप सिंह, जीआरपी प्रभारी एसआई कैलाश चंद, आरपीएफ चौकी प्रभारी एसआई रमेश कुमार और नारनौल सीआईडी अधिकारी जसवंत यादव सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि आने वाले दिनों में भी इस तरह की औचक जांच जारी रहेगी ताकि राष्ट्रीय सुरक्षा को किसी भी खतरे से बचाया जा सके।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / श्याम सुंदर शुक्ला